केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर बिहार में 800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर शहरी विकास, सहकारी क्षेत्र, कानून व्यवस्था के बुनियादी ढांचे और परिवहन परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की गई।
विकास परियोजनाओं का विवरण
1. सहकारी क्षेत्र का विकास (₹111 करोड़)
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सहकारी बैंकिंग सेवाओं को सशक्त करने की योजना।
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किसानों के लिए कृषि ऋण की उपलब्धता में सुधार।
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प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को मजबूत करने की पहल।
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दरभंगा में मखाना प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन, जिससे ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
2. शहरी विकास और आवास परियोजनाएँ (₹421 करोड़)
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बिहार के शहरी बुनियादी ढांचे के विकास हेतु धनराशि आवंटित।
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किफायती आवास परियोजनाओं का विस्तार।
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नगरपालिका सुविधाओं को उन्नत करने की योजना।
3. कानून व्यवस्था और सुरक्षा अवसंरचना (₹181 करोड़)
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133 नए पुलिस भवनों की आधारशिला रखी गई।
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नए पुलिस थानों की स्थापना से कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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पुलिसकर्मियों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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सुरक्षा तंत्र को उन्नत करने की पहल।
4. सड़क परिवहन और राजमार्ग परियोजनाएँ (₹109 करोड़)
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राज्य में तीन प्रमुख सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं की घोषणा।
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प्रमुख क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य।
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व्यापार और यातायात को सुगम बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार।
5. तकनीकी और वित्तीय समावेशन पहल
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‘बिहार राज्य सहकारी बैंक’ के बैंक मित्रों को माइक्रो एटीएम वितरित किए गए।
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ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की योजना।
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छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने पर जोर।
अमित शाह की बिहार यात्रा का राजनीतिक महत्व
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गोपालगंज जिले में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।
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मुख्यमंत्री आवास पर एनडीए नेताओं के साथ बैठक कर बिहार में आगामी चुनावी रणनीतियों और राजनीतिक गठजोड़ पर चर्चा की।