प्रख्यात हिंदी लेखक मधुकर गंगाधर का निधन। वह नई कहानी अभियान के प्रमुख कहानीकार थे। वह पटना आकाशवाणी में रेणुजी के सहयोगी थे, साथ ही इलाहाबाद में ऑल इंडिया रेडियो के निदेशक और दिल्ली आकाशवाणी में उप महानिदेशक थे।
WARRIOR 4.0 | Banking Awareness Batch for SBI, RRB, RBI and IBPS Exams | Bilingual | Live Class
ऑल इंडिया रेडियो (AIR) में 39 वर्षों तक सेवा देने के बाद वह दिल्ली में एक स्वतंत्र लेखक बन गए। ‘मोतियों वाले हाथ’, ‘हिरन की आंखें’ उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाएँ हैं।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- ऑल इंडिया रेडियो की स्थापना 1936 में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कार्पोरेशन के रूप में की गई और 1957 में इसका नाम बदल कर आकाशवाणी किया गया था.









G7 Summit 2026: फ्रांस म...
दुनिया का सबसे ...
भारत में कहाँ ह...


