अजमेर में पहली बार अखिल भारतीय ट्रांसजेंडर सम्मेलन का आयोजन

अजमेर में पहली बार अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन का आयोजन किया गया, जो एक ऐतिहासिक 10 दिवसीय सम्मेलन है। यह आयोजन वैशाली नगर के एक निजी विद्यालय में 17 फरवरी 2025 से प्रारंभ हुआ। इसका शुभारंभ खिचड़ी तुलई अनुष्ठान से हुआ, जो किन्नर समुदाय की धार्मिक आस्थाओं से जुड़ा है। यह महासम्मेलन गद्दीपति सलोनी नायक द्वारा अनीता बाई की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जो अजमेर के किन्नर समुदाय की प्रतिष्ठित मार्गदर्शिका थीं।

इस आयोजन में भारत के विभिन्न राज्यों से 2,000 से अधिक किन्नर सदस्य भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में कालश पूजा, चक्र पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेडिकल सेवाओं, बैंकिंग, इत्र और यात्रा से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए हैं। सम्मेलन में सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं, और केवल आमंत्रित सदस्यों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

सम्मेलन के प्रमुख बिंदु

सम्मेलन का अवलोकन

  • स्थान: वैशाली नगर, अजमेर
  • आयोजक: गद्दीपति सलोनी नायक (अनीता बाई की स्मृति में)
  • अवधि: 10 दिन
  • प्रतिभागी: 2,000+ किन्नर सदस्य (विभिन्न राज्यों से)
  • उद्देश्य: किन्नर अधिकारों, समुदाय की परंपराओं और आध्यात्मिकता पर चर्चा

पारंपरिक अनुष्ठान एवं समारोह

खिचड़ी तुलई अनुष्ठान (उद्घाटन समारोह) – 17 फरवरी

  • सम्मेलन की शुरुआत इस अनुष्ठान से हुई।
  • इसमें चावल, दाल, शक्कर, सूखे मेवे और घी का भोग बनाकर मां बहुचरा देवी को अर्पित किया जाता है।
  • यह अनुष्ठान सामुदायिक एकता और श्रद्धा को प्रकट करता है।

कालश पूजा

  • सम्मेलन में आए अतिथियों का स्वागत करने के लिए आयोजित किया जाता है।
  • इसमें एक पवित्र कलश आगे रखा जाता है, और समुदाय के लोग इसमें श्रद्धानुसार भेंट चढ़ाते हैं।

चक्र पूजन (19 फरवरी 2025)

  • यह महासम्मेलन का एक और प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान है।
  • इसके बाद किन्नर समुदाय द्वारा अजमेर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।

सुरक्षा एवं प्रवेश नियम

  • सख्त निगरानी: केवल गद्दीपति सलोनी नायक द्वारा अनुमति प्राप्त सदस्यों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।
  • सुरक्षा बलों की तैनाती: हर अतिथि की पहचान सुनिश्चित करने के लिए द्वार पर तैनात किए गए हैं।
  • धार्मिक प्रक्रिया: प्रत्येक आगंतुक को पहले बहुचरा माता मंदिर के दर्शन करने होंगे, तभी वे सम्मेलन में भाग ले सकते हैं।

सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहलू

विशेष पंडाल निर्माण

  • मंदिर से 20 मीटर की दूरी पर एक भव्य मंडप बनाया गया है।
  • सभी अनुष्ठानों की एलईडी स्क्रीन पर लाइव स्ट्रीमिंग की जा रही है।

सामुदायिक भागीदारी

  • मेहमानों का स्वागत पारंपरिक राजस्थानी आतिथ्य से किया जा रहा है।
  • मेडिकल, बैंकिंग, इत्र और यात्रा से जुड़ी सेवाओं के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए हैं।

धार्मिक और सामाजिक समरसता

  • किन्नर अखाड़ा परिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के योगदान को स्वीकार किया।
  • समुदाय सभी धर्मों की एकता में विश्वास रखता है और शांति एवं सौहार्द का संदेश देता है।

किन्नर समुदाय के प्रमुख सदस्यों के विचार

दीपिका बाई (सलोनी नायक की शिष्या)

  • इतने बड़े आयोजन के लिए आभार प्रकट किया।
  • खिचड़ी तुलई अनुष्ठान को समुदाय की आस्था मजबूत करने वाला बताया।

नीता बाई (किन्नर समुदाय की सदस्य)

  • सम्मेलन में मौजूद किन्नर सदस्यों की खुशी और उत्साह को व्यक्त किया।
  • राजस्थानी परंपराओं के माध्यम से मेहमानों के स्वागत को महत्वपूर्ण बताया।

सपना बाई (किन्नर अखाड़ा परिषद, जयपुर)

  • इस आयोजन को किन्नर समुदाय का “महाकुंभ” करार दिया।
  • अजमेर की धार्मिक सहिष्णुता और तीर्थस्थल के रूप में इसकी महत्ता को रेखांकित किया।

निष्कर्ष

किन्नर महासम्मेलन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करता है, बल्कि यह किन्नर समुदाय के अधिकारों और सामाजिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करता है। अजमेर का यह आयोजन देशभर के किन्नर समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है, जो समाज में समरसता और समानता को बढ़ावा देगा।

पहलू विवरण
क्यों चर्चा में? अजमेर में पहला अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन आयोजित
आयोजन का नाम अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन
अवधि 10 दिन (17 फरवरी 2025 से प्रारंभ)
आयोजक गद्दीपति सलोनी नायक (अनीता बाई की स्मृति में)
उद्घाटन अनुष्ठान खिचड़ी तुलई (मां बहुचरा देवी को पारंपरिक भोग अर्पण)
अन्य प्रमुख अनुष्ठान कालश पूजा, चक्र पूजन (19 फरवरी 2025)
विशेष आकर्षण मेडिकल सेवाओं, बैंकिंग, इत्र और यात्रा संबंधी स्टॉल
सुरक्षा प्रबंध सख्त प्रवेश नियंत्रण; केवल आमंत्रित सदस्यों को अनुमति
सांस्कृतिक कार्यक्रम किन्नर समुदाय द्वारा शोभायात्रा, धार्मिक समारोह
महत्व किन्नर अधिकारों, आध्यात्मिकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा
धार्मिक संदेश हिंदू, मुस्लिम और सभी धर्मों के बीच एकता पर बल
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vikash

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