बंदरगाह से बिजली क्षेत्र में कार्यरत अडानी समूह स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक 70 अरब डॉलर के निवेश के तहत सौर मॉड्यूल, पवन टर्बाइन और हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर बनाने के लिए तीन गीगा कारखाने लगाएगा। एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी ने यह जानकारी दी। बता दें, अडानी समूह हरित ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में निवेश बढ़ा रहा है।
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समूह का लक्ष्य 2030 तक दुनिया का शीर्ष नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादक बनना है। गौतम अडानी ने यूएसआईबीसी ग्लोबल लीडरशिप अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद कहा कि अडानी समूह पहले ही 70 अरब डॉलर (जलवायु परिवर्तन और हरित ऊर्जा के लिए) के निवेश के लिए प्रतिबद्ध है। इससे हम भारत में तीन गीगा कारखानों का विनिर्माण करेंगे, जो दुनिया की सबसे एकीकृत हरित-ऊर्जा मूल्य श्रृंखलाओं में से एक है।
गौतम अडानी ने कहा कि इससे अडानी समूह के पास 45 गीगावॉट की अतिरिक्त नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता होगी। अभी समूह की क्षमता 20 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा की है. इससे समूह 2030 तक 30 लाख टन हाइड्रोजन क्षमता भी जोड़ पाएगा। इससे पहले अडानी समूह की प्रतिद्वंद्वी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी ने कम कॉर्बन उत्सर्जन वाली ऊर्जा में निवेश के तहत पांचवां गीगा कारखाना स्थापित करने की घोषणा की थी।
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