अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने राजस्थान के जैसलमेर में 450 मेगावाट की क्षमता वाले तीसरे हाइब्रिड पावर प्लांट को शुरू कर दिया है। इसके बाद एजीईएल 1440 मेगावाट की परिचालन क्षमता के साथ दुनिया की सबसे बड़ी विंड- सोलर हाइब्रिड पावर उत्पादक कंपनी बन गई है।
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कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जैसलमेर में कंपनी द्वारा शुरू किया गया ये तीसरा विंड- सोलर हाइब्रिड पावर प्लांट है। इसकी परिचालन क्षमता 450 मेगावाट है। एसइसीआई के साथ 2.67 रुपये किलोवाट की दर से 25 सालों के लिए इस प्लांट के पास पावर परचेस एग्रीमेंट है। इस प्रोजेक्ट में 420 मेगावाट के सोलर और 105 मेगावाट के विंड पावर प्लांट्स हैं।
इस साल मई 2022 में जैसलमेर में एजीईएल की ओर से भारत का पहला 390 मेगावाट की परिचालन क्षमता वाला हाइब्रिड पावर प्लांट शुरू किया गया था। कुछ महीने पहले ही कंपनी ने इसके पास में ही स्थित 600 मेगावाट के एक और हाइब्रिड पावर प्लांट शुरू किया था। अब शुरू किए गए प्लांट को मिलाकर कंपनी की कुल हाइब्रिड पावर उत्पादन करने की क्षमता 1,440 मेगावाट हो गई है। वहीं, कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी 7.17 गीगावाट है।
450 मेगावाट के इस संयंत्र के चालू होने के साथ ही एजीईएल की कुल परिचालन उत्पादन क्षमता 7.17 गीगावॉट हो गई है। यह एजीईएल को दुनिया का सबसे बड़ा पवन-सौर हाइब्रिड पावर फार्म डेवलपर भी बनाता है। एजीईएल के पास दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी का पोर्टफोलियो है, जिसमें परिचालन, निर्माणाधीन और कुछ शुरू होने वाले प्रोटेक्ट्स शामिल हैं।
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