आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा रखा गया

पंजाब के विमानन मानचित्र में 02 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक बदलाव देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर स्थित आदमपुर हवाई अड्डे का नामकरण संत गुरु रविदास के नाम पर किया, वहीं लुधियाना के हलवारा हवाई अड्डे पर नए सिविल टर्मिनल का उद्घाटन भी किया। ये दोनों घोषणाएँ सांस्कृतिक सम्मान और अवसंरचनात्मक विकास का संतुलित संयोजन प्रस्तुत करती हैं। इससे न केवल उड़ान (UDAN) योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूती मिली है, बल्कि राज्य में लंबे समय से चली आ रही जन और राजनीतिक मांगों को भी पूरा किया गया है।

आदमपुर हवाई अड्डे का नाम गुरु रविदास के नाम पर क्यों रखा गया

जालंधर स्थित आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा रखा गया है, जिससे भक्ति आंदोलन के महान संत और सामाजिक सुधारक गुरु रविदास की विरासत को सम्मान मिला है। यह फैसला पंजाब में कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। इस संबंध में 2020 में पंजाब विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसे वर्तमान राज्य सरकार ने भी दोहराया था। इस कदम का गहरा सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व है, विशेषकर उन समुदायों के लिए जो गुरु रविदास को अत्यंत श्रद्धा से मानते हैं।

आदमपुर हवाई अड्डा: अवसंरचना और कनेक्टिविटी स्थिति

उड़ान (UDAN) 5.0 योजना के तहत ₹125 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित आदमपुर हवाई अड्डा पंजाब के दोआबा क्षेत्र की सेवा करता है। लगभग 40 एकड़ में फैला यह सिविल टर्मिनल आदमपुर एयर फोर्स स्टेशन की हवाई पट्टी का उपयोग करता है। कोविड-19 महामारी के कारण चार वर्षों के अंतराल के बाद इसने 31 मार्च 2025 को परिचालन फिर से शुरू किया। वर्तमान में यहाँ स्टार एयर और इंडिगो की सीमित उड़ानें संचालित होती हैं, जो मुंबई, नांदेड़ और बेंगलुरु जैसे शहरों को जोड़ती हैं, हालांकि कनेक्टिविटी अभी भी सीमित बनी हुई है।

आदमपुर हवाई अड्डे के संचालन से जुड़ी चुनौतियाँ

अवसंरचना उन्नयन के बावजूद, यात्रियों ने 4.3 किलोमीटर लंबी ग्रामीण संपर्क सड़क को लेकर चिंता जताई है, जो अब भी संकरी है। अधिकारियों के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण में भूमि अधिग्रहण में देरी सबसे बड़ी बाधा है। पहले दिल्ली, जयपुर और मुंबई के लिए उड़ानें कम यात्री मांग के कारण बंद कर दी गई थीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केवल अवसंरचना उपलब्ध होने से ही क्षेत्रीय हवाई मार्गों की स्थिरता सुनिश्चित नहीं होती। यह समस्या क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजनाओं में अक्सर देखने को मिलती है।

हलवारा हवाई अड्डा: लुधियाना के लिए नया सिविल टर्मिनल

आदमपुर हवाई अड्डे के नामकरण के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लुधियाना ज़िले के हलवारा हवाई अड्डे पर नवनिर्मित सिविल टर्मिनल का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। ₹54 करोड़ की लागत से निर्मित यह टर्मिनल हलवारा एयर फोर्स बेस के विस्तार के रूप में विकसित किया गया है। इसकी क्षमता एक समय में 300 यात्रियों को संभालने की है, जिससे पंजाब के प्रमुख औद्योगिक केंद्र लुधियाना में नागरिक विमानन सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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vikash

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