श्रीराम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का निधन हो गया है। उनके निधन से हिंदू धार्मिक समुदाय और भगवान राम के भक्तों में गहरा शोक व्याप्त है। आचार्य सत्येंद्र दास ने महज 20 वर्ष की उम्र में प्रमुख पुजारी के रूप में अपना कार्यभार संभाला था और छह दशक से अधिक समय तक मंदिर की सेवा में समर्पित रहे।
आचार्य सत्येंद्र दास के निधन के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को लखनऊ से अयोध्या लाने की व्यवस्था की गई। उनके शिष्य प्रदीप दास ने पुष्टि की कि गुरुवार, 8 फरवरी 2024 को अयोध्या में पवित्र सरयू नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उनकी अंतिम यात्रा में हजारों श्रद्धालु, मंदिर प्रशासन से जुड़े लोग और धार्मिक संतगण शामिल हुए, जिन्होंने इस महान संत को श्रद्धांजलि अर्पित की। दशकों तक अयोध्या की आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत का हिस्सा रहे आचार्य सत्येंद्र दास को पूरे सम्मान के साथ विदाई दी गई।
आचार्य सत्येंद्र दास केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं थे, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था के प्रतीक भी थे। वे हिंदू शास्त्रों के महान ज्ञाता थे और भगवान राम की पूजा-अर्चना में उनका गहरा समर्पण था। राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही, जिससे वे हिंदू धार्मिक समुदाय में अत्यंत श्रद्धेय व्यक्तित्व बन गए।
आचार्य सत्येंद्र दास ने 65 वर्षों से अधिक समय तक राम जन्मभूमि मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन किया। उनके मार्गदर्शन में मंदिर की पवित्रता और पारंपरिक पूजा-पद्धति संरक्षित रही। उन्होंने राम जन्मभूमि विवाद के लंबे कानूनी और सामाजिक संघर्ष को करीब से देखा और भव्य राम मंदिर के निर्माण का सपना साकार होते हुए देखा।
उनका निधन न केवल अयोध्या बल्कि संपूर्ण हिंदू धार्मिक समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी आध्यात्मिक शिक्षा और मंदिर सेवा की प्रेरणा सदैव भक्तों के हृदय में जीवित रहेगी।
आचार्य सत्येंद्र दास ने करीब 34 वर्षों तक राम मंदिर की सेवा में की। रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बाबरी विध्वंस से लेकर राममंदिर के निर्माण तक के साक्षी रहे हैं। रामलला की भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा भी उन्होंने अपनी आंखों से देखी है। आचार्य सत्येंद्र दास ने टेंट में रहे रामलला की 28 साल तक उपासना-पूजा की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद करीब चार साल तक अस्थायी मंदिर में विराजे रामलला की सेवा मुख्य पुजारी के रूप में की। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अभी तक वह मुख्य पुजारी के रूप में सेवा दे रहे थे।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]लॉस एंजिलिस में आयोजित 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए 90 वर्ष की आयु…
भारत की कर संग्रहण स्थिति 2026 की शुरुआत में मजबूत बनी हुई है। जनवरी 2026…
एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ( Air Marshal Inderpal Singh Walia ) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…
केंद्र और राज्यों के बीच धन के बंटवारे ने एक नए चरण में प्रवेश कर…
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में गुजरात ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 31 दिसंबर…
World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…