आचार्य देवव्रत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद की शपथ ली

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 15 सितंबर 2025 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। यह शपथग्रहण समारोह मुंबई राजभवन में आयोजित हुआ, जहां बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। यह नियुक्ति सी. पी. राधाकृष्णन के पद रिक्त करने के बाद हुई, जिन्हें हाल ही में भारत का उपराष्ट्रपति चुना गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पिछले सप्ताह आचार्य देवव्रत को गुजरात के साथ-साथ महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार संभालने के लिए नियुक्त किया था।

आचार्य देवव्रत कौन हैं?
आचार्य देवव्रत एक वरिष्ठ शिक्षाविद और पूर्व गुरुकुल प्राचार्य हैं। वे जुलाई 2019 से गुजरात के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे 2015 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके हैं। शिक्षा, आयुर्वेद और प्राकृतिक खेती में विशेष रुचि रखने वाले आचार्य देवव्रत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांस्कृतिक और कृषि सुधार दृष्टि के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार मिलना भारत में प्रचलित उस प्रशासनिक परंपरा का हिस्सा है, जिसमें राज्यपालों को अस्थायी तौर पर दो राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

बदलाव क्यों आवश्यक था
सी. पी. राधाकृष्णन फरवरी 2023 से महाराष्ट्र के राज्यपाल थे, लेकिन सितंबर 2025 में उन्हें भारत का 15वां उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया। इससे मुंबई राजभवन में अस्थायी रिक्तता उत्पन्न हुई, जिसे पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने आचार्य देवव्रत को अंतरिम जिम्मेदारी सौंपी। राष्ट्रपति का यह कदम सुनिश्चित करता है कि नया पूर्णकालिक राज्यपाल नियुक्त होने तक संवैधानिक निरंतरता बनी रहे।

संवैधानिक और राजनीतिक संदर्भ
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा, किंतु वही व्यक्ति दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है। इसी प्रावधान के तहत राष्ट्रपति किसी मौजूदा राज्यपाल को अतिरिक्त प्रभार सौंप सकते हैं। ये नियुक्तियां राष्ट्रपति द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर की जाती हैं। हाल के वर्षों में इस प्रथा का कई बार उपयोग हुआ है, जैसे केरल के राज्यपाल को अस्थायी तौर पर तमिलनाडु का प्रभार दिया गया था।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • आचार्य देवव्रत ने 15 सितंबर 2025 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली।

  • वे गुजरात के राज्यपाल बने रहेंगे और अब दोहरी जिम्मेदारी संभालेंगे।

  • सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद पद छोड़ा।

  • शपथ बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर ने दिलाई।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अनुच्छेद 153 के तहत यह नियुक्ति की।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago