भारत के सियाचिन ग्लेशियर को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाने वाले जाने-माने पर्वतारोही कर्नल नरेंद्र ‘बुल’ कुमार का निधन। उनका 1984 के ऑपरेशन मेघदूत की सफलता के में अहम योगदान था। वह नंदा देवी पर चढ़ाई करने वाले पहले भारतीय थे। उन्होंने 1965 में माउंट एवरेस्ट, माउंट ब्लैंक (आल्प्स की सबसे ऊंची चोटी), और बाद में माउंट कांगचेंगा पर चढ़ाई की। उन्होंने अपने साहसी कार्यों के लिए ‘बुल’ नाम की उपाधि हासिल की थी।
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कीर्ति चक्र, पद्म श्री, अर्जुन पुरस्कार और मैकग्रेगर पदक से सम्मानित किया जा चुके कर्नल कुमार ने 1970 के दशक के अंत और 1980 के दशक के प्रारंभ में सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र में कई अभियान चलाए।
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