AAI ने इस परियोजना के लिए 1,200 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं जो अनुसंधान और विकास के लिए 12 वर्षों से अधिक समय तक व्यय किए जाएंगे. तीन साल में CARO का निर्माण होने की उम्मीद है. केंद्रीय विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने CARO के लिए आधारशिला रखी जो 27 एकड़ में फैली होगी और वायु नेविगेशन सेवाओं और हवाई अड्डे / इंजीनियरिंग अनुसंधान को पूरा करेगी.
धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…