Covid-19 के बाद नया संकट: फिर से कोविड जैसा लॉकडाउन लगाने की मांग, कैसी है तैयारी?

पूरी दुनिया एक बार फिर ऐसे दौर की तरफ बढ़ती दिख रही है, जहां आम लोगों की जिंदगी पर बड़े पैमाने पर नियंत्रण देखने को मिल सकता है। फर्क केवल इतना है कि इस बार वजह महामारी नहीं बल्कि ऊर्जा संकट है। ईरान से जुड़े तनाव एवं वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा के चलते हालात तेजी से बदल रहे हैं। तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, कई देशों में ईंधन की कमी महसूस की जा रही है और सरकारें ऐसे कदम उठा रही हैं, जिनका असर किसी ‘लॉकडाउन’ जैसा महसूस हो सकता है।

कई शहरों में गैस न मिल पाने के वजह से वहां के कामगार ठीक उसी तरह अपने घर लौटने लगे हैं जैसे लॉकडाउन के समय लौटे थे। हाल ही में गुजरात के सूरत में कई कामगारों ने बताया कि लंबे समय से गैस नहीं मिल पा रही है और कई फैक्ट्रियां भी बंद हो रही हैं। ऐसे में उन्हें मजबूरन अपने घर लौटना पड़ रहा है। कई शहरों के कामगार परेशान हो गए हैं और अपने घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के कई शहरों की गैस आधारित फैक्ट्रियां भी बंद होने लगी हैं।

हवाई यात्रा पर असर

ऊर्जा संकट का असर एविएशन सेक्टर पर भी साफ-साफ दिखाई दे रहा है। कई एयरलाइंस कंपनियां अपनी उड़ानों में कटौती कर रही हैं। इससे यात्राएं न केवल महंगी हो रही हैं, बल्कि विकल्प भी कम होते जा रहे हैं। सरकारें भी लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दे रही हैं। यह वही रणनीति है जो कोविड के दौरान अपनाई गई थी, जहां केवल जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति थी।

तेल संकट ने वैश्विक चिंता बढ़ाई

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर असर पड़ा है, जहां से विश्व का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है। इस स्थिति का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने लगी हैं। तेल महंगा होने का असर केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो रही हैं। खाद्य उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों की कीमतें बढ़ने से आने वाले वक्त में खाने-पीने की चीजों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

पेट्रोल-डीजल के लिए लंबी कतारें

विश्व के कई हिस्सों में ईंधन की सीमित उपलब्धता के चलते राशनिंग लागू की जा रही है। जापान एवं दक्षिण कोरिया जैसे विकसित देशों से लेकर बांग्लादेश, फिलीपींस और श्रीलंका तक पेट्रोल-डीजल के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कुछ देशों ने ऊर्जा वाउचर जारी किए हैं, जबकि कई जगह लोगों से यात्रा कम करने की अपील की जा रही है। यह संकेत है कि आने वाले वक्त में ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने हेतु और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

यह संकट ‘लॉकडाउन’ जैसा क्यों लग रहा है?

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहें, लेकिन आम लोगों के लिए इसका अनुभव बहुत हद तक ‘लॉकडाउन’ जैसा हो सकता है। जब यात्रा सीमित हो, ईंधन नियंत्रित हो और लोगों को घर से काम करने के लिए कहा जाए, तो यह स्थिति एक तरह की प्रतिबंधित जीवनशैली की तरफ इशारा करती है। फर्क केवल इतना है कि इस बार कारण स्वास्थ्य नहीं बल्कि ऊर्जा की कमी है।

भारत समेत कई देशों पर बढ़ता दबाव

भारत जैसे देश जो बड़े पैमाने पर तेल आयात पर निर्भर हैं, इस संकट से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। यदि कीमतें और बढ़ती हैं तो इसका असर महंगाई, ट्रांसपोर्ट एवं रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखेगा। पाकिस्तान जैसे देश पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, ऐसे में ऊर्जा संकट उनकी स्थिति को और ज्यादा कठिन बना सकता है।

 

 

 

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 weeks ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

3 weeks ago