जाने-माने भारतीय कवि-गीतकार गुलज़ार के जीवन पर लिखी गई “बोसकीयाना” नई हिंदी पुस्तक राधाकृष्ण प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है। यह पुस्तक उनकी फिल्मों, कविता, दर्शन, जीवन शैली, पसंद और नापसंद के माध्यम से गुलज़ार के जीवन को चित्रित करती है। 228 पृष्ठ वाली पुस्तक को यशवंत व्यास द्वारा संपादित और संकलित किया गया है। “बोसकीयाना” मुंबई में स्थित गुलज़ार के घर का नाम है।
किताब के बारे में:
इस पुस्तक में विस्तृत बातचीत के माध्यम से गुलज़ार के व्यक्तित्व को व्यक्त किया गया है, जिससे उनके विचारों और दुनिया को देखने का पता चलता है। यह पिछले 30 वर्षों से गुलज़ार के सबसे अधिक परिभाषित साक्षात्कार और वार्तालापों का संकलन है। यशवंत व्यास को इसका संकलन करने में 6 साल लगे।
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