जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री, जुअल ओराम ने ‘ई-ट्राइबस्ः जनजाति भारत’ का शुभारंभ किया. यह नई दिल्ली में जनजातीय भारत आउटलेट में डिजिटल वाणिज्य के लिए एक पहल है. इसमें ट्राईफ़ेड (TRIFED), www.tribesindia.com और एम-कॉमर्स, एंड्रॉइड ऐप ‘ट्राइब्स इंडिया’ के ई-कॉमर्स पोर्टल का शुभारंभ शामिल है.
मंत्री ने इन ई-कॉमर्स पोर्टल्स के माध्यम से जनजातीय उत्पादों के विपणन के लिए स्नैपडील, अमेज़ॅन, पेटीएम और जीईएम पर ट्राइब्स इंडिया बैनर को भी शुरू किया है. इसके साथ ही, ट्राइफेड से जुड़े 55 हजार से अधिक आदिवासी कारीगर स्थानीय और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच प्राप्त करेंगे.
ट्राईफ़ेड (TRIFED) के बारे में-
1987 में भारत में जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (TRIFED) अस्तित्व में आया. यह राष्ट्रीय स्तर का एक शीर्ष संगठन है जो जनजातीय मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत काम कर रहा है. TRIFED का पंजीकृत है और इसका हेड ऑफिस नई दिल्ली में स्थित है और देश में विभिन्न स्थानों पर स्थित 13 क्षेत्रीय कार्यालयों का नेटवर्क है.
स्रोत- प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (PIB)



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