प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को गौतमबुद्ध नगर के जेवर में ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ का भव्य उद्घाटन किया। इसी के साथ उत्तर प्रदेश अब देश का ऐसा राज्य बन गया है, जहां सबसे ज्यादा इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स की कनेक्टिविटी मौजूद है। एयरपोर्ट का पहले चरण (Phase-1) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। ये एयरपोर्ट दिल्ली से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस एयरपोर्ट का मकसद जेवर को उत्तरी भारत के लिए बड़ा एविएशन हब बनाना है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की 10 बड़ी विशेषताएं:
- नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन: पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाते हुए, यह भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट है जिसे ‘नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ के लक्ष्य के साथ डिजाइन किया गया है।
- वैश्विक एविएशन हब: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। दिल्ली-एनसीआर के लिए दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनकर यह क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।
- मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी: सड़क, रेल और मेट्रो से सीधा जुड़ाव। यहाँ दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) का भी स्टेशन होगा, जो दिल्ली से जेवर की दूरी मात्र 21 मिनट में तय करेगी।
- एशिया का प्रमुख कार्गो हब: एक विशाल ‘इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल’ के साथ, यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक और एक्सपोर्ट सेंटर बनेगा।
- इन-डोर नेविगेशन ऐपः यात्रियों की सुविधा के लिए एक खास ‘वे-फाइंडिंग’ तकनीक शुरू की गई है। एयरपोर्ट का मोबाइल ऐप आपको अपनी करंट लोकेशन से गेट नंबर, लाउंज या ड्यूटी-फ्री शॉप तक का सटीक रास्ता (गूगल मैप्स की तरह) दिखाएगा।
- रोजगार के असीमित अवसर: इस एयरपोर्ट के संचालन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगभग 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
- स्मार्ट पार्किंग और EV चार्जिंगः यात्री घर से निकलने से पहले ही ऐप के जरिए अपना पार्किंग स्लॉट बुक कर सकेंगे। पार्किंग शुल्क का भुगतान सीधे फास्ट टैग से होगा, जिससे गेट पर रुकना नहीं पड़ेगा।
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा का कायाकल्प: यमुना एक्सप्रेस-वे के आसपास एक नया ‘एयरोट्रोपोलिस’ (हवाई शहर) विकसित हो रहा है, जिसमें होटल, मॉल और कमर्शियल हब शामिल होंगे।
- स्विस तकनीक एवं भारतीय संस्कृति का संगमः इसका डिजाइन स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट तकनीक पर आधारित है, लेकिन इसकी वास्तुकला में वाराणसी के घाटों एवं भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देती है।
- सबसे कम टर्निंग टाइमः नोएडा एयरपोर्ट का रनवे और टैक्सी-वे इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि विमान लैंडिंग के बाद बहुत कम समय में दोबारा उड़ान के लिए तैयार हो सकेंगे। इससे एयरलाइंस का ईंधन और यात्रियों का समय बचेगा।


