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क्यों कुछ लोगों को ज्यादा काटते हैं मच्छर? जानिए ब्लड ग्रुप और जेनेटिक्स का असर

हमेशा देखा जाता है कि मच्छर गर्मियों और बरसात के मौसम में खासा परेशान करते हैं। मगर इनमें भी मच्छर कुछ लोगों को बेहद ज्यादा परेशान करते हैं। मच्छरों के काटने से हम सभी परेशान रहते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये मच्छर तय कैसे करते हैं कि किसे काटना है? हाल ही में हुई एक नई स्टडी में वैज्ञानिकों ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है। उन्होंने पाया कि मच्छर किसी एक इंसान को यूं ही नहीं चुनते, बल्कि कई संकेतों को मिलाकर अपना टारगेट तय करते हैं। इस रिसर्च में सैकड़ों मच्छरों को ट्रैक किया गया और लाखों डेटा पॉइंट्स का एनालिसिस किया गया। नतीजों से पता चला कि मच्छर बेहद स्मार्ट तरीके से इंसानों को पहचानते और उन तक पहुंचते हैं।

मच्छर एक साथ कई संकेतों का इस्तेमाल

साइंस एडवांसेस में छपी स्टडी में वैज्ञानिकों ने पाया कि मच्छर एक साथ कई संकेतों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि हमारी सांस से निकलने वाला कार्बन डाइऑक्साइड, शरीर की गंध और हमारे कपड़ों का रंग। खासतौर पर मादा एडीस एजिप्टी मच्छर (जो डेंगू तथा येलो फीवर फैलाते हैं) इस मामले में ज्यादा एक्टिव पाए गए. 3D इंफ्रारेड कैमरों की सहायता से यह देखा गया कि मच्छर कैसे इन संकेतों के आधार पर उड़ान भरते हैं और इंसान तक पहुंचते हैं।

रिसर्च के मुताबिक, हर मच्छर खुद ही फैसला लेता है, वो किसी दूसरे मच्छर को फॉलो नहीं करता। वैज्ञानिकों ने इसे एक भीड़ भरे बार की तरह समझाया, जैसे लोग एक ही जगह इसलिए आते हैं क्योंकि वहां अच्छा माहौल होता है, वैसे ही मच्छर भी एक ही इंसान की ओर आकर्षित होते हैं। यानी मच्छर एक-दूसरे के पीछे नहीं चलते, बल्कि एक जैसे संकेतों की तरफ खिंचते हैं।

कपड़ों का रंग मच्छरों को आकर्षित

स्टडी में यह भी पाया गया कि इंसान के कपड़ों का रंग मच्छरों को आकर्षित कर सकता है। जब रिसर्च में शामिल व्यक्ति के कपड़ों का रंग बदला गया, तो मच्छरों के व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिला।

ब्लड ग्रुप O वाले लोगों की तरफ आकर्षित

वैज्ञानिक शोध बताते हैं मच्छर सबसे ज्यादा ब्लड ग्रुप O वाले लोगों की तरफ आकर्षित होते हैं। शोध बताता है कि इन पर काटने की संभावना A या B ग्रुप वालों की तुलना में ज्यादा होती है। रिसर्च के अनुसार ब्लड ग्रुप A वाले लोगों को मच्छर कम काटते हैं। यानी यह ग्रुप कुछ हद तक ‘कम पसंदीदा’ माना जाता है। मच्छर उन लोगों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं जो ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। जैसे भारी शरीर वाले या ज्यादा सांस लेने वाले लोगों की तरफ आकर्षित होते हैं। पसीने में मौजूद लैक्टिक एसिड और अन्य केमिकल्स मच्छरों को आकर्षित करते हैं। इसलिए ज्यादा पसीना आने वाले लोग ज्यादा शिकार बनते हैं।

क्यों है यह रिसर्च इतनी जरूरी?

मच्छर कई खतरनाक बीमारियां फैलाते हैं, जैसे मलेरिया, येलो फीवर और जीका वायरस। हर साल दुनियाभर में 7 लाख से ज्यादा लोगों की मौत इन बीमारियों से होती है।

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