स्वीडन की 17 वर्षीय जलवायु परिवर्तन के लिए आवाज उठाने वाली ग्रेटा थुनबर्ग को मानवता के लिए inaugural Gulbenkian Prize के लिए चुना गया है। उन्हें पुरस्कार के रूप में 1 मिलियन यूरो की पुरस्कार राशि दी जाएगी। उन्हें जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए युवा पीढ़ियों को जुटाने के उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया है। ग्रेटा थुनबर्ग 2018 में स्वीडिश संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू करने बाद सुर्खिया में आई थी, जिसके बाद उन्होंने वैश्विक स्तर इसे बढ़ाया और दुनिया भर के बच्चों द्वारा की गई स्कूल हड़ताल का नेतृत्व किया।
मानवता के लिए दिया जाना वाला गुलबेंकियन पुरस्कार, व्यक्तिगत, समूहों अथवा दुनिया भर के संगठनों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने के लिए अपनी नवीनता, नवाचार और प्रभावी प्रयासों के लिए दिया जाता है।









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