विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की अध्यक्षता में भारत-मध्य एशिया संवाद की दूसरी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मध्य एशियाई के सभी पांच देशों- कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान भारत ने कनेक्टिविटी, ऊर्जा, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि क्षेत्र के लिए मध्य एशियाई देशों की “priority developmental projects” (प्रमुख विकासात्मक परियोजनाओं) के लिए 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लाइन ऑफ़ क्रेडिट की घोषणा की और इन देशों में सामाजिक-आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाएं (HICDP) के कार्यान्वयन के लिए अनुदान सहायता प्रदान करने की पेशकश भी की।
इसके अलावा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री विशेष अथिति के रूप में इस बैठक में शामिल हुए। पहला भारत-मध्य एशिया संवाद 2019 में उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित किया गया था।



Goldman Sachs की चेतावनी: 2026 में भारत ...
Delhi Green Budget 2026: बढ़ते प्रदूषण प...
विश्व टीबी दिवस 2026: तिथि, विषय, इतिहास...

