देश की वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश की राजनीति का अहम चेहरा रहीं मोहसिना किदवई का 8 अप्रैल, 2026 को दिल्ली में निधन हो गया। 94 वर्ष की आयु में उन्होंने सुबह करीब चार बजे अस्पताल में आखिरी सांस ली। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी सहित पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
मोहसिना किदवई का राजनीतिक जीवन
मोहसिना किदवई का राजनीतिक जीवन बेहद लंबा और प्रभावशाली रहा है। वह कांग्रेस पार्टी की कद्दावर नेतओं में गिनी जाती थीं और गांधी परिवार के काफी करीबी मानी जाती थीं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शहरी विकास, पर्यटन, परिवहन और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का सफलतापूर्वक संचालन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में भी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, समाज कल्याण और लघु उद्योग जैसे विभागों में मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मोहसिना किदवई का जन्म
मोहसिना किदवई का जन्म 1 जनवरी 1932 को एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। वह उच्च शिक्षित थीं और शुरुआत से ही सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में उत्तर प्रदेश विधान परिषद एवं विधानसभा की सदस्यता के साथ-साथ कई बार लोकसभा और राज्यसभा सांसद के रूप में देश की सेवा की। वह मेरठ से लोकसभा सांसद रहीं एवं बाद में राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हुईं।
मोहसिना किदवई एक मजबूत और अनुभवी नेता
मोहसिना किदवई को एक मजबूत, अनुभवी और जमीन से जुड़ी नेता के रूप में जाना जाता था। उनकी पहचान एक सुलझी हुई और प्रभावशाली राजनेता की रही, जिनका प्रदेश और केंद्र की राजनीति में लंबे समय तक दबदबा रहा। उनके निधन पर कांग्रेस नेताओं समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मसौली एवं बाराबंकी के लोगों के लिए यह क्षति केवल एक नेता के जाने की नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र की उस बेटी को खोने की है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया।


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