फरवरी 2026 में भारत की बेरोजगारी दर मामूली रूप से घटकर 4.9 प्रतिशत हो गई। यह आंकड़े राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के अनुसार हैं। जनवरी 2026 में यह दर 5 प्रतिशत थी, जिससे यह हल्का सुधार दर्शाता है।
भारत में बेरोजगारी दर: फरवरी 2026
- PLFS के अनुसार, फरवरी 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में बेरोजगारी दर घटकर 4.9 प्रतिशत हो गई।
- यह जनवरी में दर्ज वृद्धि के बाद हल्की रिकवरी का संकेत देता है।
- हालांकि सुधार सीमित है, लेकिन श्रम बाजार में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्थिरता देखी गई।
शहरी बेरोजगारी दर में सुधार
- फरवरी 2026 में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर में कमी देखी गई।
- PLFS के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में शहरी बेरोजगारी दर घटकर 6.6 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी 2026 में 6.7 प्रतिशत थी।
- यह शहरों में रोजगार के अवसरों में हल्की वृद्धि को दर्शाता है।
ग्रामीण बेरोजगारी दर स्थिर
- ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर फरवरी 2026 में स्थिर रही।
- यह दर 4.2 प्रतिशत पर बनी रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि ग्रामीण रोजगार की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
महिला बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय गिरावट
PLFS के नए आंकड़ों में महिला बेरोजगारी दर में स्पष्ट सुधार देखा गया। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं में बेरोजगारी दर जनवरी 2026 के 5.6 प्रतिशत से घटकर फरवरी में 5.1 प्रतिशत हो गई।
- शहरी महिला बेरोजगारी दर: 9.8% → 8.7%
- ग्रामीण महिला बेरोजगारी दर: 4.3% → 4.0%
यह दर्शाता है कि महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों में सुधार हुआ है।
श्रम बल भागीदारी दर (LFPR)
- श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) वह प्रतिशत है जो काम कर रहे या काम की तलाश में लगे लोगों को दर्शाता है।
- फरवरी 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए LFPR 55.9 प्रतिशत पर स्थिर रहा।


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