भारतीय वायुसेना ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पोकरण में ‘वायुशक्ति’ अभ्यास में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया जिसे देखने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद थीं। जैसलमेर जिले में थार के रेगिस्तानी इलाके में वायुसेना ने इस अभ्यास में अपनी जंगी ताकत दिखाई। इस अभ्यास के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूदा थे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत से हुई। दिन से रात तक चले इस बड़े पैमाने के युद्धाभ्यास में सटीक हमले, एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली और बहु-प्लेटफॉर्म युद्ध समन्वय का यथार्थवादी प्रदर्शन किया गया।
वायु शक्ति 2026: युद्ध परिदृश्य का सजीव प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान लगभग 3 किलोमीटर के लक्ष्य क्षेत्र में काल्पनिक दुश्मन ठिकानों पर हमलों का प्रदर्शन किया गया।
मुख्य लक्ष्य शामिल थे:
- दुश्मन के रनवे
- रडार स्टेशन
- बंकर और टैंक फॉर्मेशन
- बख्तरबंद काफिले
- गोला-बारूद डिपो
- संचार केंद्र
- आतंकवादी शिविर
इन हमलों में सटीक स्ट्राइक और दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय करने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
सुखोई, जगुआर और मिराज की अग्रणी भूमिका
अभ्यास में अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों ने केंद्रीय भूमिका निभाई।
शामिल विमान:
- सुखोई Su-30MKI
- SEPECAT जगुआर
- डसॉल्ट मिराज 2000
एक सुखोई-30 एमकेआई ने काल्पनिक आतंकी शिविर पर सटीक हमला किया, जबकि अन्य विमानों ने दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली को दबाने और नष्ट करने का प्रदर्शन किया।
हेलीकॉप्टर और आकाश मिसाइल प्रणाली
अभ्यास में बहु-प्लेटफॉर्म समन्वय का भी प्रदर्शन हुआ।
शामिल हेलीकॉप्टर:
- AH-64E अपाचे
- मिल Mi-17V5
- HAL रुद्र
इसके साथ ही स्वदेशी आकाश मिसाइल प्रणाली का सफल प्रक्षेपण किया गया, जिसने भारत की स्वदेशी वायु रक्षा क्षमता को रेखांकित किया।
हेलीकॉप्टरों ने टैंक समूहों, बंकरों और लॉजिस्टिक ठिकानों पर जमीनी हमलों में सहयोग दिया।
रात का चरण: उन्नत लक्ष्यभेदी क्षमता
अभ्यास का प्रमुख आकर्षण रात का युद्ध प्रदर्शन था। कम दृश्यता की स्थिति में सटीक हमले कर उन्नत टार्गेटिंग सिस्टम और नाइट-अटैक क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के बीच एकीकृत संचालन ने जटिल बहु-डोमेन युद्ध परिदृश्यों के लिए IAF की तैयारियों को दर्शाया।
रणनीतिक महत्व
- भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट आयोजित यह अभ्यास भारत की वायु युद्ध तैयारियों और प्रतिरोधक क्षमता का स्पष्ट संदेश देता है।
- विविध दुश्मन परिसंपत्तियों—जैसे आतंकी शिविर और वायु रक्षा नेटवर्क—के सिमुलेशन ने यह दर्शाया कि भारत सटीक हमले करने और शत्रु क्षमताओं को निष्क्रिय करने में सक्षम है।
- राष्ट्रपति की उपस्थिति ने इस अभ्यास के सामरिक महत्व को और रेखांकित किया।
वायु शक्ति अभ्यास का विकास
- वायु शक्ति अभ्यास भारतीय वायुसेना द्वारा समय-समय पर आयोजित अग्नि-शक्ति प्रदर्शन है। पोखरण रेंज में आयोजित यह अभ्यास लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, परिवहन विमान और मिसाइल प्रणालियों को एकीकृत करता है।
- वर्षों के साथ इसमें नेटवर्क-केंद्रित युद्ध, रात्रि अभियान और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का समावेश हुआ है।
- वायु शक्ति 2026 ने रीयल-टाइम समन्वय और उच्च-तीव्रता वाले युद्ध परिदृश्यों पर विशेष जोर दिया—जो भारत की आधुनिक वायु युद्ध क्षमता का सशक्त प्रदर्शन है।


‘अंजदीप’ का क्या अर्थ है? नौसेना के नए क...
भारतीय सेना ने स्ट्रेला-10 मिसाइल का सफल...
भारत-अमेरिका संयुक्त विशेष बल अभ्यास ‘वज...

