निधि छिब्बर ने 24 फरवरी 2026 को बीवीआर सुब्रह्मण्यम का तीन वर्षीय कार्यकाल पूरा होने के बाद नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है। निधि छिब्बर एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं। ऐसे महत्वपूर्ण समय में उनकी नियुक्ति भारत के प्रमुख नीति थिंक टैंक में नेतृत्व के नए चरण की शुरुआत का संकेत देती है। 2026 में यह बदलाव नीति आयोग की कार्यप्रणाली और नीतिगत दिशा में निरंतरता के साथ नई ऊर्जा और दृष्टिकोण लेकर आने की उम्मीद जगाता है।
निधि छिब्बर ने नीति आयोग के CEO का अतिरिक्त प्रभार संभाला
निधि छिब्बर ने आधिकारिक रूप से NITI Aayog के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है। वह वर्तमान में नीति आयोग के अंतर्गत कार्यरत विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। उनकी यह नियुक्ति नीति आयोग के नेतृत्व में निरंतरता और प्रशासनिक अनुभव को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नियुक्ति से जुड़ी प्रमुख बातें
- निधि छिब्बरवर्ष 1994 बैच की आईएएस अधिकारी (छत्तीसगढ़ कैडर) हैं।
- पूर्व में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की अध्यक्ष रह चुकी हैं।
- विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) में उन्होंने प्रमुख सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन का नेतृत्व किया है।
NITI Aayog के CEO का अतिरिक्त प्रभार संभालने के साथ ही वे 2026 में भारत की नीति-निर्माण और मूल्यांकन प्रणाली के केंद्र में आ गई हैं।
नीति आयोग के CEO के रूप में बीवीआर सुब्रह्मण्यम का कार्यकाल समाप्त
बीवीआर सुब्रह्मण्यम का NITI Aayog के CEO के रूप में तीन वर्षीय कार्यकाल समाप्त हो गया है।
उनके करियर की प्रमुख झलकियाँ:
- 1987 बैच के आईएएस अधिकारी (छत्तीसगढ़ कैडर)
- जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव के रूप में कार्य
- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में सचिव पद पर सेवाएं
- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ
- विश्व बैंक में कार्य अनुभव
उनके कार्यकाल के दौरान नीति समन्वय को मजबूत करने और सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया।
भारत की शासन व्यवस्था में नीति आयोग की भूमिका
NITI Aayog (National Institution for Transforming India) भारत सरकार का प्रमुख नीति थिंक टैंक है। इसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर की गई थी।
इसके मुख्य कार्य:
- नीति निर्माण और रणनीतिक योजना
- राज्यों के साथ सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना
- प्रमुख सरकारी योजनाओं की निगरानी
- नवाचार और सतत विकास को प्रोत्साहित करना
प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, जबकि CEO संस्था के कार्यकारी संचालन का नेतृत्व करते हैं।
2026 में Nidhi Chhibber के कार्यभार संभालने के साथ मॉनिटरिंग और मूल्यांकन तंत्र में निरंतरता बनाए रखने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
DMEO का अनुभव और नेतृत्व पर प्रभाव
विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) सरकारी कार्यक्रमों के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निधि छिब्बर ने इसके महानिदेशक के रूप में:
- प्रभाव आकलन (Impact Assessment)
- डेटा विश्लेषण और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण
- शिक्षा क्षेत्र में सुधार (CBSE अध्यक्ष के रूप में)
जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया है।
यह अनुभव उनके CEO कार्यकाल के दौरान नीति आयोग में प्रदर्शन मापन और जवाबदेही प्रणाली को और मजबूत कर सकता है।
नीति आयोग: एक संक्षिप्त परिचय
- NITI Aayog की स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर की गई थी।
- यह भारत सरकार का थिंक टैंक है, जो राज्यों को आर्थिक नीति निर्माण में शामिल कर सहकारी संघवाद को बढ़ावा देता है।
- प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं।
- CEO इसके कार्यकारी संचालन का नेतृत्व करता है।
- यह संस्था नीति निर्माण, प्रमुख योजनाओं की निगरानी और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने में केंद्रीय भूमिका निभाती है।
- इस नेतृत्व परिवर्तन के साथ 2026 में नीति आयोग की कार्यप्रणाली में निरंतरता और डेटा-आधारित सुधारों की दिशा में और मजबूती आने की संभावना है।


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