प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी 2026 को मेरठ में भारत की पहली नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का उद्घाटन किया और दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को जनता को समर्पित किया। यह परियोजना भारत में पहली बार ऐसी व्यवस्था लेकर आई है, जहां रैपिड रेल और मेट्रो सेवा एक ही स्टेशन तथा एक ही ट्रैक से संचालित हो रही है। प्रधानमंत्री ने इस पहल को उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने, यात्रा समय कम करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत की पहली RRTS और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन
दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर भारत की पहली परिचालन क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (RRTS) है। 22 फरवरी 2026 को मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। इसी प्लेटफॉर्म से मेरठ मेट्रो सेवा की भी शुरुआत की गई।
प्रमुख विशेषताएं
- पहली बार नमो भारत और मेट्रो रेल एक ही ट्रैक और स्टेशन से संचालित
- इंट्रा-सिटी (शहर के भीतर) और इंटर-सिटी (शहरों के बीच) यात्रा के लिए एकीकृत परिवहन मॉडल
- दिल्ली और मेरठ के बीच तीव्र कनेक्टिविटी
- एक ही प्लेटफॉर्म से शहर के भीतर या दिल्ली तक सीधी यात्रा
यह परियोजना यात्रियों को शहर के भीतर यात्रा के लिए मेट्रो और क्षेत्रीय हाई-स्पीड यात्रा के लिए नमो भारत ट्रेन का विकल्प प्रदान करती है।
NCR कनेक्टिविटी और “ट्विन सिटीज” विजन को बढ़ावा
यह एकीकृत कॉरिडोर मेरठ और दिल्ली को सहज रूप से जोड़कर “ट्विन सिटीज” अवधारणा को मजबूत करता है।
प्रधानमंत्री के अनुसार—
- बेहतर कनेक्टिविटी के कारण अब लोगों को दिल्ली में किराए पर घर लेने की आवश्यकता कम होगी।
- यात्रा तेज, सुगम और सुविधाजनक बनेगी।
- कम यात्रा समय से आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
प्रमुख एकीकरण केंद्र
- सराय काले खां
- आनंद विहार
- गाजियाबाद
- मेरठ
यह कॉरिडोर भारतीय रेलवे, मेट्रो और बस टर्मिनलों से जुड़कर मल्टी-मॉडल परिवहन को सहज बनाता है।
बुनियादी ढांचा विकास और रोजगार वृद्धि
- प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और रैपिड रेल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार और औद्योगिक विकास को गति दे रही हैं।
- उन्होंने उल्लेख किया कि 2014 से पहले जहां मेट्रो सेवाएं केवल 5 शहरों में थीं, वहीं आज 25 से अधिक शहरों में विस्तार हो चुका है, जिससे भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है।
नमो भारत संचालन में महिला सशक्तिकरण
नमो भारत RRTS की एक विशेष उपलब्धि महिलाओं की भागीदारी है।
- अधिकांश ट्रेन ऑपरेटर महिलाएं हैं।
- स्टेशन कंट्रोल स्टाफ में भी महिलाओं की संख्या अधिक है।
प्रधानमंत्री ने इसे अवसंरचना और परिवहन क्षेत्र में “नारी शक्ति” का प्रतीक बताया।
स्थैतिक तथ्य (Static Points)
- परियोजना: नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS)
- कॉरिडोर: दिल्ली–मेरठ
- लॉन्च तिथि: 22 फरवरी 2026
- उद्घाटनकर्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- पहली बार: मेट्रो और रैपिड रेल एक ही स्टेशन और ट्रैक पर
- मुख्य एकीकरण हब: सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद, मेरठ
- राज्य: उत्तर प्रदेश


रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़...
केवल 8 साल की उम्र, AI समिट का सबसे नन्...
01 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे पर नकद टोल...

