सरकार ने भारत टैक्सी की शुरुआत की है, जो भारत का पहला सहकारी आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। यह सेवा ड्राइवरों को मालिकाना हक़, उचित आय-वितरण और यात्रियों को किफायती सफ़र देने का वादा करती है। सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद भारत टैक्सी ने अब व्यावसायिक संचालन शुरू कर दिया है और अगले तीन वर्षों में पूरे देश में विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। इसे ड्राइवरों और यात्रियों—दोनों के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
भारत टैक्सी क्या है?
भारत टैक्सी का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया। दो महीने के पायलट के बाद इस प्लेटफॉर्म ने दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में व्यावसायिक सेवाएं शुरू की हैं। यह देश की पहली सहकारी-नेतृत्व वाली राइड-हेलिंग सेवा है, जो मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज़ एक्ट, 2002 के तहत पंजीकृत है। सरकार का लक्ष्य तीन वर्षों के भीतर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका विस्तार करना है।
अन्य राइड ऐप्स से अलग क्या बनाता है भारत टैक्सी को?
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत ड्राइवर ओनरशिप है। निजी कंपनियों के विपरीत, इसमें ड्राइवर स्वयं हितधारक बनते हैं। मुनाफ़े का सीधा हिस्सा ड्राइवरों को मिलता है, जिससे उन्हें सम्मान और आर्थिक सुरक्षा मिलती है। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, यह दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है। इसका संचालन चार मूल सिद्धांतों—मालिकाना हक़, सुरक्षा कवर, गरिमा और समावेशी विकास—पर आधारित है।
कमीशन मॉडल और ड्राइवरों की कमाई
भारत टैक्सी का कमीशन मॉडल ड्राइवर-हितैषी है। हर ₹100 की कमाई में से ₹80 सीधे ड्राइवर के बैंक खाते में जाते हैं और प्लेटफॉर्म केवल ₹20 रखता है। यह मौजूदा निजी प्लेटफॉर्म्स की तुलना में काफ़ी कम है। साथ ही, भारत टैक्सी जीरो-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग का पालन करती है, जिससे किराए में पारदर्शिता बनी रहती है। पायलट की सफलता ने प्रतिस्पर्धी ऐप्स को भी कमीशन घटाने और प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए मजबूर किया।
भारत टैक्सी पर उपलब्ध सेवाएं
भारत टैक्सी ऐप के ज़रिये ग्राहक कार, तीन-पहिया और दो-पहिया वाहन बुक कर सकते हैं। यह मल्टी-मोबिलिटी विकल्प शहरी और अर्ध-शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। किफायती किराए और बिना सर्ज प्राइसिंग के कारण यह रोज़ाना यात्रियों, दफ़्तर जाने वालों और छोटी दूरी के सफ़र के लिए आकर्षक विकल्प बनती है। सहकारी ढांचा ड्राइवरों और यात्रियों—दोनों के साथ निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करता है।
विस्तार योजना और शुरुआती सफलता
भारत टैक्सी अगले तीन वर्षों में कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक विस्तार की योजना पर काम कर रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 2.5 लाख से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और 8.5 लाख से ज़्यादा यात्री पंजीकृत हैं। यह प्लेटफॉर्म आठ प्रमुख सहकारी संगठनों के समर्थन से संचालित है, और बड़ी कंपनियों के साथ समझौते अंतिम चरण में हैं, जो इसके भविष्य को और मज़बूत बनाते हैं।


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