भारत ने ‘साधना सप्ताह 2026’ की शुरुआत की है। यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिक-केंद्रित शासन को मज़बूत करना और सिविल सेवाओं में क्षमता निर्माण करना है। यह सप्ताह 2 से 8 अप्रैल 2026 तक मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न मंत्रालय, राज्य और कई प्रशिक्षण संस्थान एक साथ मिलकर कौशल, जवाबदेही और सेवा वितरण को बेहतर बनाने का काम करेंगे। यह कार्यक्रम ‘मिशन कर्मयोगी’ के अंतर्गत संचालित किया जाएगा और यह आधुनिक तथा प्रौद्योगिकी-आधारित शासन की ओर हो रहे बदलाव को दर्शाता है।
साधना सप्ताह क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
- ‘साधना सप्ताह’ का पूरा नाम ‘राष्ट्रीय प्रगति के लिए अनुकूलनीय विकास और मानवीय योग्यता को सुदृढ़ बनाना’ (Strengthening Adaptive Development and Humane Aptitude for National Advancement) है। यह भारत की सबसे बड़ी सहयोगात्मक शासन पहलों में से एक है।
- इसका आयोजन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), क्षमता निर्माण आयोग और कर्मयोगी भारत द्वारा किया जाता है।
- इस पहल का उद्देश्य जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देना, तथा सिविल सेवकों में कौशल और दक्षताओं का विकास करना है।
- चूँकि इस कार्यक्रम में 100 से अधिक मंत्रालयों, 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 250 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों की भागीदारी होगी, इसलिए यह शासन सुधारों की दिशा में एक कदम है।
मिशन कर्मयोगी: सिविल सेवाओं की रीढ़
‘साधना सप्ताह’ का विचार ‘मिशन कर्मयोगी’ में निहित है, जो सिविल सेवाओं की क्षमता निर्माण के लिए भारत का एक प्रमुख कार्यक्रम है।
इसे ‘सिविल सेवाओं की क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम’ के नाम से भी जाना जाता है। इसका मुख्य ध्यान निम्नलिखित बातों पर होगा:
- नियम-आधारित शासन से भूमिका-आधारित शासन की ओर बढ़ना
- साथ ही, सक्षमता-आधारित प्रशासन का निर्माण करना
- जवाबदेही और कार्य-कुशलता को बढ़ाना
यह मिशन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के साथ शुरू किया गया था, और इसका उद्देश्य एक ऐसी ‘भविष्य के लिए तैयार’ नौकरशाही का निर्माण करना है, जो बेहतर सार्वजनिक सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम हो।
iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन
इस परिवर्तन का मुख्य आधार iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म है, जो सरकारी अधिकारियों के लिए एक डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम है।
इस प्लेटफॉर्म के तहत अब तक की मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
- 1.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत शिक्षार्थी
- 8 करोड़ से अधिक कोर्स पूरे किए गए
- कई भाषाओं में 4,600+ कोर्स तक पहुंच
यह प्लेटफ़ॉर्म किसी भी समय, कहीं भी सीखने की सुविधा प्रदान करता है, साथ ही व्यवहारिक, कार्यात्मक और संबंधित क्षेत्रों में कौशल विकास में भी मदद करता है।
साधना सप्ताह 2026 के तीन मुख्य विषय
- प्रौद्योगिकी: जो स्मार्ट गवर्नेंस को शक्ति प्रदान करेगी।
- परंपरा: भारत की ज्ञान प्रणालियों से सीखना।
- मूर्त: सुधारों के वास्तविक प्रभाव को मापना।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नीतियां नागरिकों के जीवन में स्पष्ट सुधार लाएं।
इस सप्ताह शुरू की जाने वाली प्रमुख पहलें
शासन क्षमता को मज़बूत करने के लिए कई नए कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
- कर्मयोगी क्षमता कनेक्ट – फ्रंटलाइन सेवा देने के कौशल को बेहतर बनाता है
- राष्ट्रीय जन सेवा कार्यक्रम – ज़मीनी स्तर पर लोगों की भागीदारी को भी बढ़ावा देता है
- UNNATI पोर्टल – प्रशिक्षण संस्थानों के लिए डिजिटल आधार
- AI-आधारित अमृत ज्ञान कोष – शासन से जुड़ी सीख पर आधारित केस-स्टडी
- विकसित पंचायत के लिए क्षमता निर्माण – स्थानीय शासन को मज़बूत बनाता है


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