दिल्ली राज्य सरकार ने ‘लखपति बिटिया योजना’ शुरू की है। इस नई योजना का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा और जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक उनकी वित्तीय सुरक्षा में सहायता करना है। इसकी घोषणा 30 मार्च, 2026 को जारी एक राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से की गई थी। इसके साथ ही, यह पिछली ‘लाडली योजना’ की जगह ले लेगी। यह योजना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू की गई है, और इसके तहत चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जो ब्याज सहित बढ़कर ₹1.20 लाख तक हो सकती है।
लखपति बिटिया योजना: मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य
यह योजना बालिकाओं को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता प्रदान करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है कि वे अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
इसके मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं:
- स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना
- बालिकाओं के कम उम्र में विवाह को रोकना
- साथ ही, वित्तीय स्वतंत्रता और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के परिवारों को सहायता प्रदान करना
आर्थिक लाभ: यह योजना कैसे काम करती है
इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता मिल सकती है, जो उनकी शिक्षा के अलग-अलग पड़ावों से जुड़ी होती है।
आर्थिक सहायता का विवरण
- जन्म के समय ₹11,000
- कक्षा 1, 6, 9, 11 और 12 में से प्रत्येक के लिए ₹5,000
- 1 साल के डिप्लोमा के लिए ₹10,000
- 2-3 साल के डिप्लोमा कोर्स पूरे करने पर ₹20,000
- 4 साल का ग्रेजुएशन कोर्स पूरा करने पर ₹25,000 तक
कुल लाभ ₹61,000 तक पहुँचेगा, और मैच्योरिटी के समय ब्याज सहित यह राशि लगभग ₹1.20 लाख हो जाएगी।
यह राशि किस्तों में जमा की जाती है, लेकिन इसे केवल 12वीं कक्षा पूरी होने के बाद, या 18 अथवा 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही निकाला जा सकता है।
पात्रता मानदंड: कौन आवेदन कर सकता है?
यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के परिवारों को लक्षित करती है और इसके लिए स्पष्ट पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं:
- लड़की का जन्म दिल्ली राज्य में हुआ होना चाहिए।
- वह कम से कम 3 वर्षों से दिल्ली की निवासी होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- साथ ही, यह योजना प्रति परिवार केवल दो बेटियों तक ही सीमित है।
- वह दिल्ली के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ रही होनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया और कार्यान्वयन
आवेदन प्रक्रिया को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह डिजिटल और पारदर्शी लगे।
आवेदकों को निम्नलिखित कार्य करने होंगे:
एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करना होगा, और उन्हें ये दस्तावेज़ जमा करने होंगे, जैसे:
- जन्म प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- स्कूल में प्रवेश का प्रमाण
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी इस योजना के लिए आवेदनों का सत्यापन और अनुमोदन करेंगे।
विशेष प्रावधान और लचीलापन
इस योजना में कुछ लचीले प्रावधान शामिल हैं:
- जिनमें मुख्य चरणों (जैसे स्कूल में दाखिला) पर देर से पंजीकरण की अनुमति है।
- बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाली लड़कियों के लिए पात्रता की शर्तों में ढील दी जा सकती है।
- इसके लाभ अहस्तांतरणीय हैं और निर्धारित समय अवधि से पहले इन्हें निकाला नहीं जा सकता।
यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो वह राशि सरकार के पास चली जाएगी।
यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
‘लखपति बिटिया योजना’ केवल वित्तीय सहायता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की गहरी सामाजिक चुनौतियों का भी समाधान करती है।
इसके प्रमुख प्रभाव इस प्रकार हैं:
- यह बालिकाओं को अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- इससे बाल विवाह के मामलों में कमी आएगी।
- साथ ही, यह महिला साक्षरता और कार्यबल में उनकी भागीदारी को भी बेहतर बनाती है।


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