पुरे देश में हर साल 7 मार्च को जन औषधि दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाएं जाने का उद्देश्य जेनेरिक दवाओं के उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाना है। साथ ही इसे जन औषधि केन्द्रों की दवाइयों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाने और योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए भी मनाया जाता है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जन औषधि दिवस के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सात प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि के साथ बातचीत करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री के संदेश को हर जन औषधि केन्द्र पर प्रसारित किया जाएगा।
जनौषधि केंद्र दुनिया की सबसे बड़ी खुदरा फार्मा श्रृंखला बनकर उभरे है, जिसके देश के 700 जिलों में लगभग 6,200 केंद्र हैं। यह स्थायी और नियमित आय के साथ स्वरोजगार का एक अच्छा साधन भी प्रदान करता है। 7 मार्च 2019 को पहला जन औषधि दिवस मनाया गया था।



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