Categories: Uncategorized

एसबीआई ने 6,000 करोड़ रु की ट्रैक्टर लोन सेटलमेंट स्कीम की घोषणा की


भारतीय स्टेट बैंक ने पहली बार ट्रैक्टरों के लिए 6,000 करोड़ रुपए के एक बार के खेत ऋण निपटान योजना की घोषणा की है.



एक ट्वीट में एसबीआई ने कहा कि, कृषि ऋण के लिए एक ही समय में निपटान की घोषणा की गई है और यह योजना 31 मार्च 2017 तक मान्य है. राष्ट्र के सबसे बड़े बैंक ने किसानों से अधिक जानकारी और लाभ लेने के लिए अपनी बैंक शाखा से संपर्क करने का आग्रह किया है.


बैंक के प्रबंध निदेशक रजनीश कुमार ने कहा कि 2011 से पहले लिए गए ऋण और सितंबर 2016 तक संदिग्ध या हानि श्रेणी खाते में आने वाले ऋणों पर इस योजना के तहत विचार किया जाएगा.

एमडी ने यह भी कहा कि अन्य कृषि ऋण जैसे किसान क्रेडिट कार्ड और ट्रैक्टरों और कृषि ऋण के लिए अन्य टर्म-ऋण भी इस योजना के तहत शामिल किए जा सकते हैं. एसबीआई का कुल कृषि ऋण पोर्टफोलियो 1.25 लाख करोड़ रुपये का और ट्रैक्टर ऋण बुक लगभग 6,000 करोड़ रुपये की है.



स्रोत – इंडियन एक्सप्रेस
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
admin

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

2 hours ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

1 month ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

1 month ago