जम्मू और कश्मीर के लिए 500 नई अटल टिंकरिंग लैब की घोषणा

नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) ने एटीएल साथी (ATL Sarthi) और फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम (Frontier Region Programme) का शुभारंभ कश्मीर विश्वविद्यालय में किया। इस अवसर का उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया, जबकि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, शिक्षा मंत्री सकीना मसूद और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इस पहल के तहत जम्मू-कश्मीर में 500 नए अटल टिंकरिंग लैब्स (ATLs) स्थापित किए जाएंगे। यह पूरे भारत के सीमांत और अल्प प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों में 2,500 लैब्स स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

सीमांत क्षेत्रों में नवाचार को सशक्त बनाना

फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम का उद्देश्य आदिवासी, दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में समावेशी, जमीनी नवाचार को बढ़ावा देना है।

  • जम्मू-कश्मीर में 500 एटीएल्स की स्थापना पर ₹100 करोड़ का निवेश होगा, जिससे यह योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी बनेगा।

  • इन लैब्स में छात्रों को मिलेगा:

    • 3D प्रिंटिंग और प्रोटोटाइपिंग टूल्स

    • रोबोटिक्स और एआई किट्स

    • कोडिंग प्लेटफॉर्म और STEM संसाधन
      यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य-उन्मुख कौशल विकसित करने, स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजने और “विकसित भारत 2047” की दृष्टि से जुड़ने में मदद करेगी।

एटीएल साथी: सहयोग का नया मॉडल

यह AIM की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य है:

  • लैब प्रदर्शन की निगरानी

  • मेंटॉरशिप सपोर्ट प्रदान करना

  • शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल्स उपलब्ध कराना

  • सहकर्मी-से-सहकर्मी सहयोग को प्रोत्साहित करना
    कश्मीर विश्वविद्यालय ने AIM के साथ साझेदारी की है ताकि एटीएल साथि कार्यक्रम को सहयोग मिल सके और शिक्षकों की क्षमता-वृद्धि सुनिश्चित हो।

निजी क्षेत्र की साझेदारी

कई प्रमुख कंपनियों और संस्थाओं ने जम्मू-कश्मीर के स्कूली नवाचार इकोसिस्टम में निवेश करने का संकल्प लिया है, जैसे:

  • बोइंग इंडिया

  • अमेज़न इंडिया

  • पाई जैम फाउंडेशन

  • लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन

ये साझेदारियां ग्रामीण और आदिवासी स्कूलों में नवाचार के लिए विशेषज्ञता, पाठ्य सामग्री और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराएंगी।

स्थिर तथ्य (Static Facts)

  • प्रक्षेपण तिथि: 25 सितंबर 2025

  • आयोजक: अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग

  • शुरू किए गए कार्यक्रम: एटीएल साथी और फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम

  • जम्मू-कश्मीर के लिए घोषित लैब्स: 500 (₹100 करोड़ निवेश)

  • फोकस क्षेत्र: रोबोटिक्स, एआई, 3डी प्रिंटिंग और STEM शिक्षा

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vikash

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