‘यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल की ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नस रिपोर्ट’ जारी कर दी गई है. इस बात पर प्रकाश डाला गया कि यूके व्यवसायों ने भारत में परिचालन करने के लिए भ्रष्टाचार के बाधा के रूप में धारणा 2015 से कम हो गयी है. रिपोर्ट में 122 बिलियन अमरीकी डालर के संयुक्त कारोबार के साथ कारोबारों का गहन सर्वेक्षण पाया गया, 2018 में ब्रिटेन के 25% व्यवसायों में भ्रष्टाचार को मुख्य बढ़ा के रूप में देखा गया है जो 2015 में 51% था.
यूके व्यवसायों का 46% उत्तरदायियों के लिए अगले 12 महीनों में भारत में अपने निवेश का विस्तार करने की योजना थी. 2000 से, ब्रिटेन भारत में सबसे बड़ा जी 20 निवेशक रहा है,जो 17.5 अरब पाउंड का निवेश कर रहा है और 371,000 नई नौकरियां प्रदान कर रहा है, यह इस अवधि में सभी एफडीआई से संबंधित 10% नौकरियों का प्रतिनिधित्व करता है।
स्रोत:आउटलुक इंडिया








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