बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के पूर्णिया जिले में भारत के पहले इथेनॉल संयंत्र का उद्घाटन किया। इस प्लांट की स्थापना ईस्टर्न इंडिया बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 105 करोड़ रुपये की लागत से की है। बिहार वर्ष 2021 की पहली छमाही में इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति के साथ आया था। यह देश का पहला अनाज आधारित इथेनॉल संयंत्र है।
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प्रमुख बिंदु (Key points)
- पूर्णिया शहर से क़रीब 12 किलोमीटर दूर गणेशपुर परोरा में स्थित यह प्लांट 15 एकड़ ज़मीन में फैला हुआ है।
- पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिले, जिन्हें सीमांचल क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। यहाँ बिहार में उत्पादित कुल मक्के का 80% हिस्सा उत्पादित होता है। यह क्षेत्र अप्रैल से अगस्त तक 30-35 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन करता है।
- बिहार में 17 इथेनॉल उत्पादन संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनसे गन्ना, शीरा, मक्का और टूटे चावल का उपयोग करके हर साल 35 करोड़ लीटर ईंधन का उत्पादन करने की संभावना है।
- निर्मित एथेनॉल की आपूर्ति तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल और डीजल में मिलाने के लिए की जाएगी।
- पूर्णिया के अलावा मुजफ्फरपुर, भोजपुर, नालंदा, बक्सर, मधुबनी, बेगूसराय, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, भागलपुर में एथनॉल प्लांट लगाए जा रहे हैं।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
- बिहार राजधानी: पटना;
- बिहार राज्यपाल: फागू चौहान;
- बिहार के मुख्यमंत्री: नीतीश कुमार।




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