Thursday, 28 April 2022

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY)

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY)



प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण योजना/कार्यक्रम ग़रीबों के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज है, जो कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में उनकी मदद करती है। यह मार्च 2020 में शुरू की गयी थी। इस योजना का लक्ष्य ग़रीबों के सबसे निम्न स्तर तक भोजन और धन की पहुंच सुनिश्चित करना, ताकि उन्हें बुनियादी आपूर्ति ख़रीदने और बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने में परेशानी न हो।


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योजना के बारे में प्रमुख बिंदु (KEY POINTERS ABOUT THE SCHEME)


30 मार्च, 2020 से शुरू हुए इस योजना के पैकेज में निम्नलिखित पैमाने/उपाय शामिल थे (From March 30, 2020, the package comprised the following measures):


  • बीमा योजना के तहत प्रति स्वास्थ्य कार्यकर्ता को 50 लाख रुपये का COVID-19 बीमा कवर दिया जाएगा, जिसे अप्रैल 2021 से एक साल के लिए बढ़ाया गया।
  • अगले तीन महीनों के लिए, 80 करोड़ वंचित व्यक्तियों को 5 किलोग्राम गेहूं या चावल और 1 किलो चयनित फलियां मुफ्त में मिलेंगी। इसकी समय सीमा नवंबर 2021 तक बढ़ा दी गई थी (बाद में, पैकेज को मई और जून 2021 तक बढ़ाया गया था; मूल रूप से इसे नवंबर 2020 तक देने के लिए शुरू किया गया था)।
  • अगले तीन महीने तक जनधन खातों वाली 20 करोड़ महिलाओं को हर महीने 500 रुपये मिलेंगे।
  • मनरेगा मज़दूरी को 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये प्रति दिन कर दिया गया है, जिससे 13.62 करोड़ लोगों को लाभ हुआ है।
  • 3 करोड़ गरीब वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और विकलांग लोगों को 1000 रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान।
  • मौजूदा पीएम किसान योजना के हिस्से के रूप में किसानों को अप्रैल 2020 के पहले सप्ताह में 2,000 रुपये प्राप्त होंगे, जिससे 8.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी।
  • संघीय सरकार द्वारा राज्य सरकारों को निर्माण श्रमिकों को राहत प्रदान करने के लिए भवन एवं निर्माण श्रमिक कल्याण कोष का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।


पृष्ठभूमि: प्रारंभिक योजना - 2016: (BACKGROUND: Initial Scheme - 2016)

  • प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना, 2016:  PMGKY की घोषणा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने दिसंबर 2016 में आय घोषणा योजना, 2016 (Income Declaration Scheme, 2016) के अनुवर्ती के रूप में की थी। इसे वर्ष 2016 की शुरुआत में स्थापित किया गया था। यह योजना वर्ष 2016 के कराधान क़ानून (द्वितीय संशोधन) अधिनियम का हिस्सा है, लोगों को निज़ी तरीके से अस्पष्टीकृत धन (Unexplained Riches) और काले धन (Black Money)की घोषणा करने और छिपी हुई आय का 50% जुर्माना देकर अभियोजन (Prosecution) से बचने की अनुमति देती है। इसके लावा छिपी हुई आय का 25% योजना में निवेश किया जाता है, जिसे चार साल बाद बिना ब्याज के चुकाया जा सकता है।
  • यह कार्यक्रम केवल 16 दिसंबर, 2016 से 31 मार्च, 2017 तक भारतीय बैंक खातों में नकद या बैंक जमा के रूप में आय घोषित करने के लिए मान्य था, आभूषण, स्टॉक, अचल संपत्ति या विदेशी खातों में जमा के रूप में आय घोषित करने के लिए नहीं।
  • अगर टैक्स रिटर्न में आय की सूचना दी गई थी, तो PMGKY के तहत छिपी हुई आय का खुलासा नहीं करने पर 77.25 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कर रिटर्न में आय की सूचना नहीं दी गई थी, तो 10% जुर्माना लगाया जाएगा, जिसके बाद अभियोजन होगा।

 

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