शोधकर्ताओं ने इतिहास में पहली बार उत्तराखंड के जंगलों में ब्लैक-बेलिड कोरल सांपों (Black-bellied Coral snakes) की खोज की है. सांप एलापिडे परिवार और सिनोमिरुरस जीनस से संबंधित है. इसका वैज्ञानिक नाम S. nigriventer है. यह मसूरी वन प्रभाग में बेनोग वन्यजीव अभयारण्य (BWS) के भद्रराज ब्लॉक में पाया गया था. वर्तमान में दुनिया में कोरल सांपों की 107 प्रजातियां हैं. भारत में केवल सात कोरल साँप प्रजातियाँ पाई जाती हैं.
सर्पदंश के प्रबंधन पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सांपों की 2000 से अधिक प्रजातियां हैं. इनमें से लगभग 300 प्रजातियाँ भारत में पाई जाती हैं, जिनमें से 52 विषैली हैं. भारत के जहरीले सांप तीन परिवारों ‘एलापिडाए (Elapidae)’, ‘वाइपरिडाए (Viperidae)’ और हाइड्रोफिडाए (Hydrophidae)’ (समुद्री सांप) से संबंधित हैं.
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
सभी सांप कानून द्वारा संरक्षित हैं. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची II में कोबरा, रैट स्नेक और चेकर्ड कीलबैक संरक्षित हैं, और बाकी अनुसूची IV द्वारा संरक्षित हैं. चिकित्सा कारणों और पारिस्थितिक क्षेत्रों के लिए सांप महत्वपूर्ण हैं. वे खाद्य जाल को संतुलन में रखते हैं और उनके विषों का उपयोग विषरोधी बनाने के लिए किया जाता है.
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री: तीरथ सिंह रावत;
- उत्तराखंड की राज्यपाल: बेबी रानी मौर्य.










G7 Summit 2026: फ्रांस म...
दुनिया का सबसे ...
भारत में कहाँ ह...


