राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (National Mission for Clean Ganga -NMCG) ने अपनी 36वीं कार्यकारी समिति में उत्तराखंड में छह नदियों के कायाकल्प के लिए नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board – CPCB) के अनुसार, उत्तराखंड में कुल नौ प्रदूषित खंड हैं और उनमें से छह ऊधम सिंह नगर जिले में विभिन्न सहायक नदियों जैसे भेला (Bhela), ढेला (Dhela), किच्छा (Kichha), नंदोर (Nandor), पिलंखा (Pilankha) और कोसी (Kosi) छोटी नदियों पर हैं।
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परियोजनाओं में कुमाऊं क्षेत्र में छह प्रदूषित नदी खंड शामिल होंगे। शेष तीन प्रदूषित हिस्सों में से, जगजीतपुर (Jagjeetpur), हरिद्वार (Haridwar) में गंगा की परियोजना पहले ही चालू हो चुकी है और शेष दो पर नमामि गंगे (Namami Gange) परियोजनाएं पहले से ही निष्पादन के अधीन हैं। इसने नमामि गंगे ((Namami Gange)) कार्यक्रम के तहत 199.36 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से जिला ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड के सीवरेज (Sewerage )(आई एंड डी) योजना (ढेला नदी) चरण -1 को भी मंजूरी दी।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे :
- उत्तराखंड की राज्यपाल: बेबी रानी मौर्य (Baby Rani Maurya);
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री: पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami);




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