भारत और रूस दोनों देशों के बीच विदेश और रक्षा मंत्री स्तर पर ‘2 + 2 मंत्रिस्तरीय संवाद (2+2 Ministerial Dialogue)‘ स्थापित करने पर सहमत हुए हैं. रूस चौथा देश और पहला गैर-क्वाड सदस्य देश है जिसके साथ भारत ने ‘2 + 2 मंत्रिस्तरीय संवाद’ तंत्र स्थापित किया है. भारत का अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ ऐसा तंत्र है. इससे भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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भारत-रूस सम्बन्ध
- भारत और रूस के बीच संबंध इतिहास, पारस्परिक विश्वास और पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग में निहित हैं. यह एक रणनीतिक साझेदारी है जो समय की कसौटी पर खरी उतरी है और जिसे दोनों देशों के लोगों का समर्थन प्राप्त है.
- भारत और रूस के बीच राजनयिक संबंध 13 अप्रैल 1947 को भारत को स्वतंत्रता मिलने से पहले ही शुरू हो गए थे.
- स्वतंत्रता के तुरंत बाद की अवधि में, भारत के लिए लक्ष्य भारी उद्योग में निवेश के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करना था. सोवियत संघ ने भारी मशीन-निर्माण, खनन, ऊर्जा उत्पादन और इस्पात संयंत्रों के क्षेत्रों में कई नए उद्यमों में निवेश किया.
- भारत की दूसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान, स्थापित किए गए सोलह भारी उद्योग परियोजनाओं में से आठ सोवियत संघ की मदद से शुरू किए गए थे. इसमें विश्व प्रसिद्ध IIT बॉम्बे की स्थापना शामिल थी.
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
- रूस के राष्ट्रपति: व्लादिमीर पुतिन.
- रूस की राजधानी: मास्को.
- रूस की मुद्रा: रूसी रूबल.




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