Thursday, 28 January 2021

महाराष्ट्र ने पुणे की यरवदा जेल से 'जेल पर्यटन' पहल शुरू की

महाराष्ट्र ने पुणे की यरवदा जेल से 'जेल पर्यटन' पहल शुरू की

 



महाराष्ट्र के कारागार विभाग ने अपनी जेल पर्यटन पहल की शुरुआत पुणे में 150 वर्षीय यरवदा केंद्रीय कारागार से की. यह पहल छात्रों को ऐतिहासिक अनुभवों के बारे में जानने में मदद करने के लिए शुरू की गई थी.


WARRIOR 5.0 Batch for SBI, RRB, RBI and IBPS Exams Banking Awareness Online Coaching | Bilingual

यरवदा जेल के बारे में:

  • यरवदा जेल 150 साल पुरानी है जहां महात्मा गांधी, लोकमान्य तिलक सहित कई स्वतंत्रता सेनानियों को कैद किया गया था, पुणे-संधि पर इस परिसर के भीतर हस्ताक्षर किए गए थे.
  • आगंतुकों को फासी यार्ड भी देखने को मिलेगा, जहां मौत की सजा दी जाती है.
  • यह वह स्थान है जहाँ 1899 में पुणे डब्लूसी रैंड के ब्रिटिश प्लेग कमिश्नर की हत्या के लिए चापेकर बंधुओं को फांसी दी गई थी.
  • फासी यार्ड में अंतिम फांसी नवंबर 2012 को, 26/11 हमले के दोषी अजमल कसाब की हुई थी, जिसे जेल परिसर के अंदर दफनाया गया था.


सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री: उद्धव ठाकरे; राज्यपाल: भगत सिंह कोश्यारी.


Find More State In News Here


Post a comment

Whatsapp Button works on Mobile Device only

Start typing and press Enter to search