Saturday, 26 September 2020

वैश्विक जोखिम रिपोर्ट 2020 में भारत 89वें स्थान पर

वैश्विक जोखिम रिपोर्ट 2020 में भारत 89वें स्थान पर


वैश्विक जोखिम सूचकांक (WRI) 2020 के अनुसार, 181 देशों के बीच भारत को 89 वें स्थान पर रखा गया है. WRI को संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय के पर्यावरण और मानव सुरक्षा संस्थान (UNUEHS) के सहयोग से विकसित किया गया है और इसकी गणना अंतर्राष्ट्रीय शान्ति कानून और सशस्त्र संघर्ष (IFHV) द्वारा की जाती है.

अतिविषम आपदाओं से निपटने की क्षमता, अनुकूली क्षमताओं की कमी और अतिविषम घटनाओं से निपटने की तैयारियों के मामले में भारत, श्रीलंका, भूटान और मालदीव से पीछे है. रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल हॉटस्पॉट, ओशिनिया, दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य अमेरिका, पश्चिम और मध्य अफ्रीका में हैं.

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यहां शीर्ष 2 देशों की सूची दी गई है: 

रैंक

देश

1

वनुआटू

2

टोंगा

89

भारत

181

क़तर


वैश्विक जोखिम सूचकांक के विषय में: 
  • वैश्विक जोखिम सूचकांक भूकंप, तूफान, बाढ़, सूखा और समुद्री स्तर में वृद्धि जैसी आपदाओं के वैश्विक जोखिम के आकलन के लिए एक सांख्यिकीय मॉडल है.
  • WRI, जर्मनी में स्टुटगार्ट विश्वविद्यालय के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय पर्यावरण और मानव सुरक्षा (UNU-EHS) और बुंडनिस एंटविक्लुंग हिलफ़्ट द्वारा जारी "Forced Displacement and Migration" पर विशेष ध्यान देने के साथ वैश्विक जोखिम रिपोर्ट 2020 का हिस्सा है.
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य: 
  • संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय, पर्यावरण और मानव सुरक्षा संसथान के निदेशक: शेन शिओमेंग.
  • संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय, पर्यावरण और मानव सुरक्षा संसथान का मुख्यालय: जर्मनी.

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