भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सरकार और कॉरपोरेट बॉन्ड में फोरन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) में निवेश की सीमा बढ़ा दी गई है। यह निर्णय मार्केट में ज्यादा विदेशी फंड लान के उद्देश्य से किया गया है। सरकार और कॉर्पोरेट बॉन्ड में फोरन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) की निवेश सीमा 20% से बढ़ाकर 30% कर दी गई है।
फोरन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स में बढ़ोतरी के के अलावा आरबीआई ने ऋण में एफपीआई निवेश के लिए वोलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) में छूट की भी घोषणा की है। आरबीआई के सर्कुलर के मुताबिक, VRR के जरिए निवेश कैप को 0.75 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने भी एफपीआई को एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में निवेश करने की अनुमति दी है जो केवल डेब्ट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते थे।
उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- RBI के 25 वें गवर्नर: शक्तिकांत दास; मुख्यालय: मुंबई; स्थापित: 1 अप्रैल 1935, कोलकाता



World Most Polluted Cities 2026: खत...
भारत में अंगूर ...
Tamil Nadu Poll Result 2026: किस...


