Saturday, 28 December 2019

बड़े शहरी सहकारी बैंकों को देनी होगी 5 करोड़ रुपये से अधिक के एक्सपोज़र की रिपोर्ट

बड़े शहरी सहकारी बैंकों को देनी होगी 5 करोड़ रुपये से अधिक के एक्सपोज़र की रिपोर्ट


भारतीय रिज़र्व बैंक ने बड़े सहकारी बैंकों को बड़े क्रेडिट पर सूचना के केंद्रीय भंडार (CRILC) को 5 करोड़ रुपये और अधिक के सभी एक्सपोज़र की रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है. इस कदम का उद्देश्य वित्तीय संकट का जल्द पता लगाना है. कुल जोखिम में आंशिक ऋण वृद्धि जैसे सभी फंड-आधारित और गैर-फंड आधारित जोखिम शामिल होंगे, जिसमें उधारकर्ता पर निवेश जोखिम भी शामिल है. नए नियमों के अनुसार, शहरी सहकारी बैंकों को 31 दिसंबर, 2019 से तिमाही आधार पर CRILC रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक है.

CRILC को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बनाया गया था. CRILC का गठन कुछ उद्देश्यों के साथ वाणिज्यिक बैंक, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान और कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के साथ किया गया है, जिसमे दूसरों के बीच ऑफसाइट पर्यवेक्षण को मजबूत करने और वित्तीय संकट की जल्द पहचान करना शामिल हैं।.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य:
  • RBI के 25 वें गवर्नर: शक्तिकांत दास; मुख्यालय: मुंबई; स्थापित: 1 अप्रैल 1935, कोलकाता.
स्रोत: The Economic Times

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