Thursday, 14 December 2017

नरेंद्र मोदी ने भारतीय नौसेना में स्कॉर्पिन-श्रेणी की पनडुब्बी कलवारी को प्रतिष्ठापित किया

नरेंद्र मोदी ने भारतीय नौसेना में स्कॉर्पिन-श्रेणी की पनडुब्बी कलवारी को प्रतिष्ठापित किया


प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली आधुनिक पारंपरिक पनडुब्बी, आईएनएस कलवारी को मुंबई में नौसेना के बेड़े में शामिल किया,लगभग दो दशकों में पहली बार ऐसा हुआ है. कलवारी छह स्कॉर्पिन श्रेणी की पनडुब्बियों में से पहली है, जो जहाज़ बनाने वाले माज़गॉन डॉक लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा सौंपा गया.
नौसेना ने पिछली बार एक पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी, आईएनएस सिंधुशास्त्र, को शामिल किया था, जिसे जुलाई 2000 में रूस से खरीदा गया था.

कलवरी पनडुब्बी के बारे में जानने हेतु प्रमुख तथ्यों-

1.खूंखार टाइगर शार्क-
कलवारी का नाम खूंखार टाइगर शार्क के नाम पर रखा गया है, जो हिंद महासागर के गहरे समुद्र की एक घातक  शिकारी हैं.

2. फ्रांसीसी नौसैनिक डिफेन्स द्वारा डिजाइन-
फ्रैंच नौसैनिक डिफेन्स और ऊर्जा कंपनी डीसीएनएस द्वारा तैयार की गई पनडुब्बियों का भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत मुंबई में माजगॉन डॉक लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्माण किया जा रहा है..

3. स्कॉर्पीन श्रेणी पनडुब्बी-
नौसेना 3 बिलियन डॉलर के अनुबंध में छः स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों को शामिल कर रही है. पहली पनडुब्बी का निर्माण, जिसे एमडीएल यार्ड 11875 के रूप में नामित किया गया, दिसंबर 2006 में शुरू हुई.

4. प्रबल मैन ओ 'वॉर -
कलवारी एक शक्तिशाली मैन ओ 'वॉर है जो समुद्री युद्ध के पूरे स्पेक्ट्रम में फैले आक्रामक जंगी काररवाई को चला रहा है. कलवारी  मॉड्यूलर दृष्टिकोण का उपयोग करके बनाया जाने वाला पहला भारतीय नौसैनिक पोत है.

5.पहली कलवारी, 8 दिसंबर 1967 को शामिल की गई थी, जो भारतीय नौसेना की पहली पनडुब्बी थी.

RBI Assistant  मुख्य परीक्षा के लिए उपरोक्त समाचार से परीक्षा उपयोगी तथ्य -
  • नौसेना स्टाफ के भारतीय नौसेना प्रमुख (सीएनएस) - एडमिरल सुनील लांबा.
स्रोत- द हिंदू


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