Thursday, 29 September 2016

सेबी ने कमोडिटी में वैकल्पिक कारोबार को मंजूरी दी

सेबी ने कमोडिटी में वैकल्पिक कारोबार को मंजूरी दी


सेबी-एफएमसी विलय के ठीक 1 साल के बाद बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को कमोडिटी डेरिवेटिव मार्केट में वैकल्पिक कारोबार को मंजूरी दे दी। सेबी ने कहा, ‘‘जो भी कमोडिटी डेरिवेटिव एक्सचेंज ऑप्सन कांट्रैक्ट्स में ट्रेडिंग शुरू करना चाहते हैं, उन्हें सेबी से पूर्व अनुमति लेनी होगी, जिसके लिए विस्तृत दिशानिर्देश समय पर जारी कर दिया जाएगा।’’

सेबी ने इसके अलावा एक्सचेंजों को निर्देश दिया कि वे अपने सदस्यों को कमोडिटी में ऑप्सन ट्रेडिंग की जानकारी दे दें। साथ ही सेबी ने 6 नई कमोडिटी में वायदा कारोबार शुरू करने की भी मंजूरी दी है जिसमें हीरा, चाय, अंडा, कोकोआ, पिग आयरन और पीतल शामिल हैं। इस तरह अब वायदा की लिस्ट में कुल 91 कमोडिटी शामिल हो गई हैं।

कमोडिटी के कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंजों के मार्केट शेयर की बात करें तो 2015-2016 में 2.9 लाख करोड़ रुपये के कमोडिटी बाजार में एमसीएक्स की हिस्सेदारी 84.5 फीसदी, एनसीडीईएक्स की हिस्सेदार 15 फीसदी और एनएमसीई की हिस्सेदारी 0.5 फीसदी रही है।

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने वित वर्ष 2016-17 के बजट भाषण में कहा था, ‘‘कमोडिटी डेरिवेटिव मार्केट में सेबी नए डेरिवेटिव उत्पादों को विकसित करेगी।’’ इसके बाद सेबी ने एक विशेषज्ञ समिति कमोडिटी डेरिवेटिव एडवाइजरी कमेटी (सीडीएसी) का गठन किया था, ताकि कमोडिटी डेरिवेटिव बाजार के विकास और प्रभावी विनियमन संबंधी मामलों पर सलाह दे सके।

अब इस समाचार से संबंधित कुछ प्रश्नों की बात करते हैं :
1. भारत में बाजार नियामक संस्था का पूरा नाम बताइए ?
2. भारत में वायदा कारोबार की सूची में कुल कितनी कमोडिटी हैं ?
                                                                                           स्रोत- बिजनेस.खासखबर.कॉम

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