दिव्य कला मेले के 19वें संस्करण का उद्घाटन विशाखापत्तनम में आंध्र प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री एस अब्दुल नजीर द्वारा किया गया, जिसमें केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और अन्य सांसद जैसे गणमान्य व्यक्ति भी शामिल थे। इस कार्यक्रम में एनडीएफडीसी योजनाओं के अंतर्गत 10 दिव्यांग लाभार्थियों को 40 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान किया गया तथा एचपीसीएल, गेल इंडिया और आईओसीएल जैसे सीएसआर भागीदारों के सहयोग से सहायक उपकरण वितरित किए गए।
इस मेले में 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 100 दिव्यांग कारीगरों के आकर्षक उत्पाद प्रदर्शित किए गए, जिनमें हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इसका उद्देश्य “वोकल फॉर लोकल” पहल का समर्थन करना और दिव्यांग उद्यमियों के बीच वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है।
एस. अब्दुल नजीर ने समावेशी समाज को बढ़ावा देने और दिव्यांग कारीगरों को सशक्त बनाने में मेले की भूमिका पर जोर दिया।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दिव्यांगजनों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर प्रदान करने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान देने के लिए मंच की प्रशंसा की।
मेला 19 से 29 सितंबर तक सुबह 11:00 बजे से रात 9:00 बजे तक आंध्र विश्वविद्यालय के मरीन ग्राउंड में चलेगा।
दिव्यांग कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और क्षेत्रीय व्यंजनों के साथ खाद्य स्टॉल भी लगाए जाएँगे।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने में मंत्रालय की उपलब्धियों और समावेशन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। सभी गणमान्य व्यक्तियों ने स्वच्छता और सामुदायिक जिम्मेदारी पर जोर देने के लिए स्वच्छता शपथ ली।
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