1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के दौरान पुंछ की लड़ाई के नायक कर्नल पंजाब सिंह (Colonel Panjab Singh) के निधन के बाद महामारी प्रोटोकॉल के तहत पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. तीसरे सर्वोच्च युद्ध-कालीन वीरता पुरस्कार वीर चक्र से सम्मानित सेवानिवृत्त अधिकारी की कोविड के बाद की जटिलताओं के कारण मृत्यु हो गई.
पंजाब सिंह का जन्म 15 फरवरी 1942 को हुआ था, कर्नल को छठवीं बटालियन, सिख रेजिमेंट में 16 दिसंबर 1967 को कमीशन दिया गया था. उन्होंने 12 अक्टूबर 1986 से 29 जुलाई 1990 तक प्रतिष्ठित बटालियन की कमान संभाली.
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]विश्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट में यह बताया गया है कि भारत दक्षिण एशिया में…
Meta ने अपनी नई Superintelligence Labs से अपना पहला AI मॉडल पेश किया है, जिसका…
बेंगलुरु में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित रोड रेस TCS World 10K Bengaluru 2026 इस बार…
मैनेजमेंट छात्रों के लिए आयोजित एक बड़े राष्ट्रीय स्तर के डिबेट इवेंट में IIM रोहतक…
वैज्ञानिक जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय मूल के प्रसिद्ध वैज्ञानिक दीप…
वैश्विक जलवायु मंच पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारत ने 2028 में…