Categories: Awards

17वें प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार 2023 की घोषणा

17वें प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (PBSA) का ऐलान कर दिया गया। इन पुरस्कारों के लिए 27 अप्रवासी भारतीयों को चुना गया है। यह प्रवासी भारतीयों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है, जो विदेशों में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। इस बार प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन मध्य प्रदेश के इंदौर में 8 से 10 जनवरी के बीच किया जाएगा।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार के लिए चुने गए लोगों में भूटान के एक शिक्षाविद, ब्रूनेई के एक डॉक्टर और सामुदायिक कल्याण के लिए काम करने वाले इथोपिया, इजरायल, पोलैंड जैसे देशों के 27 लोग शामिल हैं। इन तमाम लोगों को राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजेंगे. प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार एनआरआई, भारतीय मूल के लोगों या उनकी ओर से चलाई जा रही संस्थाओं को दिया जाता है, जो विदेशों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करते हैं।

 

क्या होती है चयन प्रक्रिया?

 

प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार के लिए नामों के चयन को लेकर बनाई गई समिति की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर इस कमेटी के उपाध्यक्ष हैं। वहीं, इस समिति के अन्य सदस्य अलग-अलग जगहों से आते हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार के लिए समिति नामांकनों पर विचार करती है और सर्वसम्मति से विजेताओं का चयन किया जाता है।

 

पुरस्कार पाने वाले प्रवासी विदेशों में अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कामों के जरिये पहचान बनाने वाले होते हैं। इस साल प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार ऑस्ट्रेलिया में विज्ञान, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले जगदीश चेन्नुपति, भूटान के संजीव मेहता को शिक्षा के क्षेत्र में, ब्राजील के दिलीप लुंडो को कला-संस्कृति-शिक्षा के क्षेत्र में, ब्रूनेई के अलेक्जेंडर मालियाकेल जॉन को दवाई के क्षेत्र में काम करने के लिए ये पुरस्कार दिया जाएगा।

 

कनाडा में सामुदायिक कल्याण के लिए वैकुंठम अय्यर लक्ष्मणन, क्रोएशिया में कला और संस्कृति के लिए जोगिंदर सिंह निज्जर, डेनमार्क में आईटी के लिए रामजी प्रसाद और इथोपिया में कन्नन अंबालम को सामुदायिक कल्याण के लिए पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा जर्मनी के अमल कुमार मुखोपाध्याय, गुयाना के मोहम्मद इरफान अली, इजरायल की रीना विनोद पुष्करणा, जापान की मकसूदा सरफी शिओतानी, मेक्सिको के राजगोपाल और पोलैंड के अमित कैलाश चंद्र लाठको पुरस्कार दिया जाएगा।

 

इनके साथ ही परमानंद सुखुमल दासवानी, पीयूष गुप्ता, मोहनलाल हीरा, संजयकुमार शिवभाई पटेल, शिवाकुमार नादेसन, दीवान चंद्र बोस, अर्चना शर्मा, फ्रैंक आर्थर, सिद्धार्थ बालाचंद्रन, चंद्रकांत बाबूभाई पटेल, दर्शन सिंह धालीवाल, राजेश सुब्रह्मण्यम और अशोक कुमार तिवारी को भी प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार दिया जाएगा।

 

Find More Awards News Here

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

5 days ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

1 month ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

1 month ago