भारत ने बिना रुकावट (फ्रिक्शनलेस) डिजिटल शासन की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए नया आधार ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप नई दिल्ली में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) दिवस के अवसर पर प्रस्तुत किया गया। यह पहल भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में आधार की केंद्रीय भूमिका और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को और मजबूत करती है।
UIDAI दिवस भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की स्थापना की याद में मनाया जाता है, जो आधार संख्या जारी करने वाली वैधानिक संस्था है। आधार दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणालियों में से एक बन चुका है, जो कल्याणकारी योजनाओं, वित्तीय समावेशन और ई-गवर्नेंस को सहारा देता है। UIDAI दिवस का आयोजन डिजिटल पहचान, गोपनीयता-केंद्रित डिज़ाइन और बड़े पैमाने पर तकनीकी नवाचार में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करता है।
नया आधार ऐप भौतिक आधार केंद्रों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल नंबर और घर का पता ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं, सुरक्षित डिजिटल सत्यापन कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर ही आधार विवरण साझा कर सकते हैं। ऐप की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें परिवार के कई सदस्यों के आधार प्रोफाइल एक ही ऐप में प्रबंधित किए जा सकते हैं। इससे सुविधा, सुरक्षा और व्यक्तिगत डेटा पर नियंत्रण तीनों में उल्लेखनीय सुधार होता है।
नया आधार ऐप उपयोगकर्ता की सहमति पर आधारित डेटा साझा करने की व्यवस्था को बढ़ावा देता है, जिससे आधार जानकारी केवल अनुमति के साथ ही साझा होती है। सुरक्षित ऑनलाइन सत्यापन से दुरुपयोग और धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है। कागजी दस्तावेज़ों और व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता घटने से ‘प्राइवेसी-बाय-डिज़ाइन’ सिद्धांत मजबूत होता है, जो भारत की उभरती डेटा संरक्षण और डिजिटल शासन व्यवस्था के अनुरूप है।
आधार को भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की रीढ़ माना जाता है। यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), बैंकिंग, दूरसंचार और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का आधार है। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत को अब तेजी से डिजिटल और स्किल कैपिटल के रूप में पहचाना जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अगले महीने भारत में होने वाला एआई इम्पैक्ट समिट, आधार आधारित डिजिटल प्रणालियों की सफलता को आगे बढ़ाते हुए भारत को एआई और उभरती तकनीकों का वैश्विक सेवा प्रदाता के रूप में प्रस्तुत करेगा।
लॉन्च कार्यक्रम में जितिन प्रसाद ने आधार को समावेशी और सुरक्षित डिजिटल शासन का भारत का सबसे मजबूत वैश्विक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आधार अब 143 करोड़ से अधिक नागरिकों को कवर करता है, जो अभूतपूर्व पैमाने पर ‘प्राइवेसी-फर्स्ट’ डिजिटल पहचान प्रदान करने की भारत की क्षमता को दर्शाता है। मंत्री ने यह भी बताया कि कई देश, जिनमें विकसित राष्ट्र भी शामिल हैं, भारत के आधार मॉडल को अपनाने और उससे सीखने में रुचि दिखा रहे हैं।
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